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NH-48 पर भारत का पहला बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम शुरू

Kavita2
1 May 2026 3:54 PM IST
NH-48 पर भारत का पहला बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम शुरू
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Delhi दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को गुजरात में एक नई और उन्नत टोलिंग प्रणाली की शुरुआत की। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) के सूरत-भरूच सेक्शन पर स्थित चोरयासी टोल प्लाजा पर भारत का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम लॉन्च किया। यह पहल देश में हाईवे टोलिंग व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है।

नितिन गडकरी ने इस जानकारी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए बताया कि यह अत्याधुनिक प्रणाली बिना किसी रुकावट के वाहनों से टोल वसूली को संभव बनाएगी। इसके लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) तकनीक और FASTag सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।

इस नई व्यवस्था के तहत वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। जैसे ही वाहन टोल क्षेत्र से गुजरेंगे, उनकी नंबर प्लेट और FASTag को स्कैन कर ऑटोमैटिक तरीके से टोल शुल्क काट लिया जाएगा। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह बैरियर-लेस सिस्टम आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिसमें हाई-स्पीड कैमरे और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। यह प्रणाली कई लेनों में एक साथ काम कर सकती है, जिससे हाईवे पर वाहनों का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक से टोल संग्रह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और कुशल बनेगी। साथ ही इससे ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी आने की भी उम्मीद है, क्योंकि वाहनों को टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा।

नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य देशभर में हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना और यात्रियों को बेहतर सुविधा देना है। उन्होंने बताया कि यह सिस्टम भविष्य में अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी लागू किया जा सकता है।

इस पहल को सड़क परिवहन क्षेत्र में डिजिटल इंडिया और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे भारत की टोलिंग प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानकों के और करीब पहुंचेगी।

अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती चरण में इस प्रणाली की निगरानी की जाएगी और प्रदर्शन के आधार पर इसे अन्य टोल प्लाजा पर भी लागू करने की योजना बनाई जाएगी।

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