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भारतीय सेना और वायुसेना ने अग्रिम क्षेत्रों में लॉजिस्टिक संचालन को और मजबूत बनाने पर जोर

SHIDDHANT
5 Dec 2025 10:08 PM IST
भारतीय सेना और वायुसेना ने अग्रिम क्षेत्रों में लॉजिस्टिक संचालन को और मजबूत बनाने पर जोर
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Delhi दिल्ली: भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना के Bi-Annual Joint Army and AirForce Logistics (BAJAAL) Conference का आयोजन उधमपुर में किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य अग्रिम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए एयर मेंटेनेंस ऑपरेशंस में बेहतर समन्वय और दक्षता सुनिश्चित करना था, खासकर उन इलाकों में जहां कठिन भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियाँ हैं। भारतीय सेना ने बताया कि सम्मेलन में सैन्य सेवाओं के बीच सामंजस्य और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इसमें चर्चा का केंद्र संसाधनों के प्रभावी उपयोग, फ्रंटलाइन फॉर्मेशन की लॉजिस्टिक क्षमताओं को मजबूत करना और सैनिकों के ऑपरेशनल रेडीनेस और मनोबल को सीधे सुनिश्चित करना रहा।

सम्मेलन में शामिल उच्चस्तरीय अधिकारीयों ने साझा किया कि कठिन और दुर्गम इलाकों में तैनात सैनिकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एयर लॉजिस्टिक नेटवर्क को और सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है। इसके लिए विभिन्न सेवाओं के बीच सूचना, तकनीकी सहयोग और संसाधन साझाकरण की प्रक्रियाओं को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इस दो-दिवसीय सम्मेलन में सेना और वायुसेना के अधिकारी न केवल वर्तमान लॉजिस्टिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श कर रहे थे, बल्कि भविष्य की रणनीतियों और सुविधाओं में सुधार पर भी सुझाव साझा किए। उन्होंने फ्रंटलाइन टुकड़ियों के लिए समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने, एहतियाती उपायों को लागू करने और लॉजिस्टिक तंत्र की गति और दक्षता बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की।

भारतीय सेना ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य केवल सैन्य संचालन की क्षमता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि सैनिकों के उच्च मनोबल और युद्ध तैयारी को भी मजबूत करना है। उच्च अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि संसाधनों का अनुकूलन, तकनीकी और मानवीय सहयोग और अग्रिम क्षेत्रों में आपातकालीन आपूर्ति समय पर उपलब्ध हो। सम्मेलन में यह भी निर्णय लिया गया कि आगे भी दोनों सेवाओं के बीच नियमित साझा प्रशिक्षण और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि लॉजिस्टिक तंत्र में निरंतर सुधार और ऑपरेशनल तैयारियों में मजबूती बनी रहे। BAJAAL सम्मेलन ने भारतीय सेना और वायुसेना के बीच लॉजिस्टिक सहयोग को नयी ऊँचाइयों तक पहुँचाने, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और सामरिक तैयारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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