- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- भारत-UAE ट्रेड $100...
भारत-UAE ट्रेड $100 बिलियन पार, CEPA से आर्थिक साझेदारी को मिली नई रफ्तार: पीयूष गोयल

Delhi दिल्ली: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और यह ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि मई 2022 में लागू हुआ भारत-UAE फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (CEPA) दोनों देशों के बीच व्यापार को $100 बिलियन के पार ले जाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।
पीयूष गोयल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) सिर्फ भारत और UAE के बीच व्यापार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अफ्रीका, अन्य गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) देशों, मिडिल ईस्ट, कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स (CIS) और कुछ यूरोपीय देशों के लिए भी एक महत्वपूर्ण व्यापारिक प्रवेश द्वार के रूप में काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच वस्तु व्यापार (मर्चेंडाइज़ ट्रेड) में तेजी से वृद्धि हुई है और यह अब $100 बिलियन से अधिक हो चुका है। इसके साथ ही सेवा क्षेत्र (सर्विसेज ट्रेड) में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे नए बाजार खुल रहे हैं और व्यापारिक अवसरों का विस्तार हो रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और UAE के बीच कुल व्यापार $101.25 बिलियन तक पहुंच गया, जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा $100.03 बिलियन था। यह लगातार बढ़ता हुआ व्यापार दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी को दर्शाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, CEPA के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच निवेश, निर्यात और आयात के क्षेत्र में कई नए अवसर पैदा हुए हैं। भारत से UAE को निर्यात होने वाले उत्पादों में वृद्धि हुई है, वहीं UAE से भारत में ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य वस्तुओं का आयात भी मजबूत हुआ है।
पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके जरिए भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक आसान पहुंच मिल रही है और विदेशी निवेश को भी बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत-UAE व्यापार संबंध और अधिक मजबूत होंगे और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग नए स्तर पर पहुंचेगा।
CEPA को विशेषज्ञ भारत की विदेश व्यापार नीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं, जो न केवल द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देता है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार नेटवर्क को भी जोड़ता है।





