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रक्षा से AI तक मजबूत होंगे भारत UAE रिश्ते पीएम मोदी ने बताया साझेदारी का एजेंडा

Kavita2
12 Sept 2026 2:25 PM IST
रक्षा से AI तक मजबूत होंगे भारत UAE रिश्ते पीएम मोदी ने बताया साझेदारी का एजेंडा
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऊर्जा क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया है। नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ उनकी मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी के नए अवसर तलाशने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह बैठक दोनों देशों के बीच लगातार जारी उच्चस्तरीय संवाद की एक महत्वपूर्ण कड़ी रही।

हैदराबाद हाउस में हुई मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने युवराज और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। शेख खालिद ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की ओर से प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं और भारत की प्रगति एवं समृद्धि की कामना की। प्रधानमंत्री ने भी यूएई के राष्ट्रपति और वहां के नागरिकों के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। दोनों पक्षों ने ऐतिहासिक मित्रता तथा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के दायरे में सहयोग की संभावनाओं की समीक्षा की। बातचीत में विकास साझेदारी को व्यापक बनाने और आपसी हितों से जुड़े विषयों पर समन्वय बढ़ाने की इच्छा सामने आई।

शेख खालिद यूएई के राष्ट्रपति की ओर से ब्रिक्स सम्मेलन में अपने देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने भारत पहुंचे हैं। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आयोजित सम्मेलन में उनकी भागीदारी द्विपक्षीय बातचीत के साथ बहुपक्षीय सहयोग का भी अवसर उपलब्ध करा रही है। प्रतिनिधिमंडल में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, उद्योग, उन्नत प्रौद्योगिकी और विदेश व्यापार से जुड़े वरिष्ठ मंत्री तथा अधिकारी शामिल हैं। इन क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी आर्थिक और तकनीकी संबंधों के व्यापक दायरे को दर्शाती है।

रक्षा सहयोग दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का प्रमुख हिस्सा बन चुका है। जनवरी 2026 में यूएई के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी की दिशा में आशय पत्र का स्वागत किया था। उस समय सेनाध्यक्षों और सैन्य कमांडरों की यात्राओं तथा द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों से मिले सकारात्मक परिणामों का भी उल्लेख किया गया था। इसके बाद मई में प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा के दौरान रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए रूपरेखा समझौता सामने आया। इस क्रम ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को संस्थागत आधार देने की दिशा स्पष्ट की।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत प्रौद्योगिकी भी संबंधों के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभरे हैं। फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी और शेख खालिद की बातचीत में एआई, सुपरकंप्यूटर और भारत में डेटा केंद्रों में निवेश जैसे विषय शामिल रहे थे। उस बैठक में दोनों नेताओं ने तकनीकी साझेदारी के प्रति उच्चस्तरीय राजनीतिक प्रतिबद्धता दोहराई थी। इससे स्पष्ट हुआ कि द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार भविष्य की डिजिटल जरूरतों और नई तकनीकों तक किया जा रहा है।

इस सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में मई की यात्रा के दौरान भी महत्वपूर्ण पहल दर्ज की गई थीं। आधिकारिक परिणाम सूची में भारत के एआई मिशन से संबंधित सहयोग का उल्लेख किया गया। एआई के विकास के लिए कंप्यूटिंग क्षमता, तकनीकी संसाधन और निवेश की उपलब्धता अहम होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में साझेदारी भारतीय तकनीकी संस्थानों और कंपनियों के लिए संभावनाएं खोल सकती है। हालांकि, इन संभावनाओं का वास्तविक लाभ संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन और संस्थागत सहयोग की प्रगति पर निर्भर करेगा।

ऊर्जा क्षेत्र में यूएई भारत का महत्वपूर्ण साझेदार बना हुआ है। प्रधानमंत्री की मई यात्रा के आधिकारिक विवरण में कच्चे तेल, एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति के माध्यम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा में यूएई की भूमिका को रेखांकित किया गया था। दोनों नेताओं ने व्यापक ऊर्जा साझेदारी के लिए नई पहल बढ़ाने पर सहमति जताई थी। रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और एलपीजी से जुड़े सहयोग भी यात्रा के परिणामों में शामिल थे। ऊर्जा संबंधों का यह विस्तार आपूर्ति की विश्वसनीयता तथा दीर्घकालिक सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

व्यापार और निवेश इस रणनीतिक संबंध को आर्थिक आधार प्रदान करते हैं। जनवरी के संयुक्त वक्तव्य में दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को 2032 तक 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते से मिले अवसरों के साथ निवेश सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। मई की परिणाम सूची में बुनियादी ढांचे और वित्तीय क्षेत्र से संबंधित निवेश पहलों का उल्लेख है। इस पृष्ठभूमि में नई दिल्ली की ताजा मुलाकात रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग के बीच तालमेल बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। दोनों नेतृत्व का घोषित उद्देश्य साझेदारी का लाभ अपने नागरिकों की समृद्धि और विकास तक पहुंचाना है।

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