- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- भारत बनेगा वैश्विक...
दिल्ली-एनसीआर
भारत बनेगा वैश्विक स्पेस टेक्नोलॉजी सेंटर PM मोदी ने दिया बड़ा संदेश
Ratna Netam
21 Aug 2026 6:54 PM IST

x
दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से देश के प्रमुख अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने निजी क्षेत्र की भागीदारी, नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को आने वाले समय में वैश्विक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।
प्रधानमंत्री के साथ हुई इस बैठक में करीब 20 अंतरिक्ष स्टार्टअप कंपनियों के प्रमुख और प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य भारत में तेजी से विकसित हो रहे निजी अंतरिक्ष उद्योग की संभावनाओं, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करना था।
निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका पर जोर
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें निजी कंपनियों और युवाओं की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा वैज्ञानिक और उद्यमी अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में नए प्रयोग कर रहे हैं और देश को इसका लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने अंतरिक्ष स्टार्टअप्स से कहा कि वे भारत की क्षमताओं को वैश्विक स्तर तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने नवाचार, अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीक के विकास को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।
स्पेस सेक्टर में तेजी से बढ़ रहा भारत
भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है। सरकार द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने के बाद कई नए स्टार्टअप सामने आए हैं। ये कंपनियां सैटेलाइट निर्माण, लॉन्च व्हीकल, स्पेस डेटा, रिमोट सेंसिंग और अन्य तकनीकों पर काम कर रही हैं।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की उपलब्धियों ने भी निजी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। चंद्रयान मिशन, आदित्य-एल1 और अन्य सफल अभियानों ने दुनिया में भारत की अंतरिक्ष क्षमता को मजबूत पहचान दिलाई है।
स्टार्टअप्स से आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बल
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अंतरिक्ष तकनीक के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करनी होगी और स्वदेशी समाधान विकसित करने होंगे।
उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में मजबूत निजी उद्योग देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और तकनीकी विकास को गति दे सकता है।
युवाओं और नए विचारों को मिलेगा मौका
बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। जरूरत है उन्हें सही अवसर और मंच देने की।
उन्होंने अंतरिक्ष स्टार्टअप्स से युवाओं को जोड़ने और नए विचारों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटे शहरों और नई पीढ़ी के उद्यमियों को भी इस क्षेत्र में आगे आने का मौका मिलना चाहिए।
वैश्विक बाजार में भारत की भूमिका बढ़ाने की तैयारी
भारत अब केवल अंतरिक्ष अभियानों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वैश्विक स्पेस इकोनॉमी में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है। दुनिया में सैटेलाइट सेवाओं, अंतरिक्ष डेटा और निजी अंतरिक्ष मिशनों की मांग लगातार बढ़ रही है।
ऐसे में भारतीय कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में अवसर बढ़ सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में दुनिया का भरोसेमंद भागीदार बनना चाहिए।
अंतरिक्ष क्षेत्र में निवेश और रोजगार की संभावनाएं
अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के विस्तार से देश में नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इंजीनियरिंग, रिसर्च, सॉफ्टवेयर, डेटा एनालिटिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि निजी कंपनियों की भागीदारी से अंतरिक्ष तकनीक अधिक किफायती और उपयोगी बन सकती है।
सरकार की नीतियों से मिल रहा समर्थन
केंद्र सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधार के लिए कई नीतिगत कदम उठाए हैं। निजी कंपनियों को अंतरिक्ष गतिविधियों में भागीदारी की अनुमति देने, निवेश को बढ़ावा देने और नई तकनीकों के विकास के लिए बेहतर माहौल बनाने पर जोर दिया गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि भारत अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में अपनी हिस्सेदारी को कई गुना बढ़ाए।
भारत के लिए नया अवसर
प्रधानमंत्री मोदी की अंतरिक्ष स्टार्टअप प्रमुखों के साथ यह बैठक भारत के स्पेस सेक्टर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे संकेत मिलता है कि सरकार अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को और मजबूत करना चाहती है।
भारत के पास प्रतिभाशाली वैज्ञानिक, मजबूत तकनीकी आधार और तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम है। इन सभी को जोड़कर देश वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी का अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के साथ संवाद भारत को भविष्य की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में निजी कंपनियों और सरकारी संस्थानों के सहयोग से भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकता है।
TagsGlobal Space Technology Centre PM Modi's messageवैश्विकस्पेसटेक्नोलॉजीसेंटरPM मोदीसंदेशजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





