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आतंकवाद पर सख्त भारत, राजनाथ बोले- मिलेगा करारा जवाब

Kavita2
8 Sept 2026 10:09 AM IST
आतंकवाद पर सख्त भारत, राजनाथ बोले- मिलेगा करारा जवाब
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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को देश की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों को किसी भी खतरे का निर्णायक जवाब देने के लिए पूरी स्वतंत्रता और जरूरी संसाधन दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर सेना दुश्मन के क्षेत्र में जाकर भी कार्रवाई करने में सक्षम है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत शांति में विश्वास रखने वाला देश है और उसका किसी दूसरे देश की जमीन पर कब्जा करने या युद्ध करने का कोई उद्देश्य नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि शांति और कमजोरी में बड़ा अंतर होता है। भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने में सक्षम है।

शांति भारत की नीति, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत हमेशा से शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और संवाद में विश्वास करता आया है। देश ने कभी किसी अन्य राष्ट्र के खिलाफ आक्रामक नीति नहीं अपनाई।

उन्होंने कहा कि भारत का उद्देश्य किसी देश पर दबाव बनाना या उसकी जमीन पर कब्जा करना नहीं है, लेकिन अगर देश की सुरक्षा को चुनौती दी जाती है तो उसका जवाब देना जरूरी है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों को इस तरह तैयार किया गया है कि वे हर परिस्थिति में देश की रक्षा कर सकें।

दुश्मन के क्षेत्र में कार्रवाई की क्षमता

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना को खतरे का सामना करने के लिए आवश्यक स्वतंत्रता दी गई है। इसमें दुश्मन के क्षेत्र में जाकर कार्रवाई करने की क्षमता भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। भारत अपने नागरिकों और सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

रक्षा मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं और आतंकवाद एक बड़ी समस्या बना हुआ है।

युद्ध के डर से बनी शांति गलत

रक्षा मंत्री ने शांति और कमजोरी के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि केवल युद्ध के भय से बनी शांति सम्मानजनक नहीं होती।

उन्होंने कहा कि अगर कोई देश डर के कारण चुप रहता है तो यह वास्तविक शांति नहीं है। वहीं, शांति की रक्षा और न्याय के लिए लड़ा गया संघर्ष सम्मान के योग्य होता है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था ही स्थायी शांति की आधारशिला होती है।

आतंकवाद को लेकर सख्त रुख

रक्षा मंत्री ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की नीति को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई देश भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता है तो उसके साथ सामान्य बातचीत संभव नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को उचित जवाब देने की पूरी छूट है। भारत अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौती है और इसके खिलाफ पूरी दुनिया को मिलकर काम करने की जरूरत है।

सशस्त्र बलों को आधुनिक बनाने पर जोर

राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार भारतीय सशस्त्र बलों को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से मजबूत बनाने पर लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि बदलते सुरक्षा हालात को देखते हुए सेना को नई क्षमताओं से लैस करना जरूरी है। आधुनिक हथियार, तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण के जरिए सेना को और सक्षम बनाया जा रहा है।

भारत की रक्षा नीति में आत्मनिर्भरता

रक्षा मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत अब बड़ी मात्रा में रक्षा उपकरणों का उत्पादन कर रहा है और कई देशों को निर्यात भी कर रहा है। इससे देश की सुरक्षा क्षमता के साथ-साथ रक्षा उद्योग भी मजबूत हो रहा है।

सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की तैयारी

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के सामने कई तरह की सुरक्षा चुनौतियां हैं, लेकिन देश उनसे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों का मनोबल ऊंचा है और सरकार उन्हें हर जरूरी समर्थन दे रही है।

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