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बांग्लादेश की गुहार पर भारत का जवाब, शेख हसीना के इवेंट से सरकार ने झाड़ा पल्ला

Ratna Netam
4 Aug 2026 6:55 PM IST
बांग्लादेश की गुहार पर भारत का जवाब, शेख हसीना के इवेंट से सरकार ने झाड़ा पल्ला
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नई दिल्ली : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रस्तावित मीडिया कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच पैदा हुए कूटनीतिक विवाद पर भारत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। भारत सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम से उसका कोई संबंध नहीं है और न ही वह इस मंच पर व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का समर्थन करती है। विदेश मंत्रालय की इस प्रतिक्रिया को बांग्लादेश की उस आपत्ति के जवाब के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें ढाका ने भारत से आग्रह किया था कि शेख हसीना को भारतीय धरती से सार्वजनिक संबोधन देने से रोका जाए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि जिस कार्यक्रम की चर्चा हो रही है, उसका आयोजन एक निजी मीडिया संस्था कर रही है। सरकार की इसमें किसी भी प्रकार की भूमिका नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंच पर रखे जाने वाले विचार आयोजकों और वक्ताओं के होंगे, उन्हें भारत सरकार का समर्थन या आधिकारिक दृष्टिकोण नहीं माना जाना चाहिए। इस बयान के जरिए भारत ने यह संकेत दिया कि किसी निजी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम को सरकारी गतिविधि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
दरअसल, बांग्लादेश सरकार ने हाल के दिनों में भारत के समक्ष चिंता जताई थी कि 5 अगस्त को शेख हसीना नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया के मंच से वर्चुअल संबोधन कर सकती हैं। ढाका का मानना है कि ऐसा कार्यक्रम दोनों देशों के बीच हाल ही में बेहतर हुए संबंधों पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसी कारण बांग्लादेश ने भारत से अनुरोध किया था कि वह इस कार्यक्रम को रोकने की दिशा में कदम उठाए।
बांग्लादेश की ओर से यह मुद्दा सोमवार को विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर और ढाका में भारत के नवनियुक्त उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के बीच हुई बैठक में भी उठाया गया था। बैठक के दौरान बांग्लादेश ने दोहराया कि शेख हसीना की सार्वजनिक गतिविधियां द्विपक्षीय संबंधों के लिए संवेदनशील हो सकती हैं। इसके साथ ही बांग्लादेश ने एक बार फिर शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी दोहराई। उल्लेखनीय है कि नवंबर 2025 में ढाका ने औपचारिक रूप से उनके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था, जिसे इस वर्ष अप्रैल में विदेश मंत्री खलीलुर रहमान की भारत यात्रा के दौरान भी उठाया गया था।
विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में एक अन्य महत्वपूर्ण विषय भी सामने आया। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत ने द्विपक्षीय यात्रा के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है। साथ ही, भारत ने BIMSTEC के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने का भी निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि यह निमंत्रण सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया के तहत भेजा गया है और इसी तरह क्षेत्रीय संगठनों के अन्य प्रमुखों को भी आमंत्रित किया गया है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण प्राप्त हुआ है और इसे विचार के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिया गया है। अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री स्तर पर लिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, BIMSTEC की अध्यक्षता कर रहे बांग्लादेश के लिए यह निमंत्रण महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर तब जब 2027 में संगठन अपनी 30वीं वर्षगांठ मनाएगा और ढाका इसकी मेजबानी करेगा।
भारत के ताजा बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि नई दिल्ली निजी आयोजनों और सरकारी नीति के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखना चाहती है। एक ओर उसने शेख हसीना के कार्यक्रम से दूरी बनाते हुए अपनी आधिकारिक भूमिका से इनकार किया है, वहीं दूसरी ओर बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के संकेत भी दिए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के संबंधों और इस पूरे घटनाक्रम पर क्षेत्रीय कूटनीति की नजर बनी रहेगी।
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