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भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए एयरस्पेस प्रतिबंध 24 मई तक बढ़ाया, NOTAM जारी

Delhi दिल्ली: भारत ने पाकिस्तान के विमानों के अपने हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) के उपयोग पर लगे प्रतिबंध को 24 मई तक बढ़ा दिया है। इस नए विस्तार के साथ पाकिस्तान के लिए भारतीय एयरस्पेस लगातार एक साल से अधिक समय तक बंद रहेगा। यह कदम पहली बार 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद सुरक्षा कारणों से उठाया गया था।
सरकारी जानकारी के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई क्षेत्र को लेकर लागू प्रतिबंध समय-समय पर बढ़ाया जा रहा है। पिछले वर्ष अप्रैल से दोनों देश एक-दूसरे के विमानों के लिए अपने-अपने एयरस्पेस को बंद रखने की अवधि को लगातार आगे बढ़ाते रहे हैं। इसी क्रम में हाल ही में पाकिस्तान ने भी अपने एयरस्पेस प्रतिबंध को 24 मई तक बढ़ाया था।
भारत की ओर से बुधवार को जारी नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) में स्पष्ट किया गया कि भारतीय हवाई क्षेत्र अब पाकिस्तान में पंजीकृत किसी भी विमान के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा। इसके अलावा, पाकिस्तान की एयरलाइंस या ऑपरेटर द्वारा संचालित, स्वामित्व वाले या लीज पर लिए गए सभी प्रकार के विमान, जिनमें सैन्य उड़ानें भी शामिल हैं, इस प्रतिबंध के दायरे में रहेंगे।
इस निर्णय के बाद पाकिस्तान से जुड़े विमान भारतीय एयरस्पेस का उपयोग नहीं कर सकेंगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट और संचालन पर असर पड़ सकता है। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे प्रतिबंधों के कारण उड़ानों का समय और दूरी दोनों बढ़ सकते हैं, जिससे परिचालन लागत में भी वृद्धि होती है।
यह प्रतिबंध दोनों देशों के बीच सुरक्षा और राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में लागू किया गया था। पहलगाम हमले के बाद भारत ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया था, जिसके बाद से यह व्यवस्था लगातार जारी है।
भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई क्षेत्र को लेकर यह स्थिति क्षेत्रीय विमानन संचालन में एक महत्वपूर्ण कारक बन गई है। दोनों देशों द्वारा लगाए गए पारस्परिक प्रतिबंधों का असर अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी देखा जा रहा है, विशेषकर उन उड़ानों पर जो दक्षिण एशिया क्षेत्र से होकर गुजरती हैं।
भारतीय नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय सुरक्षा और रणनीतिक कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। साथ ही यह भी संकेत दिया गया है कि स्थिति की समीक्षा समय-समय पर की जाती रहेगी।
इस बीच, विमानन उद्योग इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है क्योंकि लंबे समय तक एयरस्पेस बंद रहने से एयरलाइंस के संचालन और ईंधन खर्च पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल प्रतिबंध को आगे बढ़ाने का निर्णय मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य के आधार पर लिया गया है।





