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किराना हिल्स को भारत ने नहीं बनाया निशाना, सरगोधा की ओर भेजे गए थे ड्रोन: जनरल

Kavita2
26 Aug 2026 9:38 AM IST
किराना हिल्स को भारत ने नहीं बनाया निशाना, सरगोधा की ओर भेजे गए थे ड्रोन: जनरल
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नई दिल्ली। पूर्व प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को ऑपरेशन से जुड़े एक अहम पहलू पर बयान देते हुए कहा कि भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के किराना हिल्स क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया था। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें सामने आई थीं कि भारतीय कार्रवाई में कथित परमाणु प्रतिष्ठान वाले इलाके को निशाना बनाया गया, लेकिन वास्तविकता इससे अलग थी।

जनरल अनिल चौहान ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेनाओं की ओर से सरगोधा की दिशा में कई आत्मघाती ड्रोन भेजे गए थे। उन्होंने कहा कि इनमें से एक ड्रोन संभवतः अपनी उड़ान क्षमता खोने के बाद नीचे गिर गया और एक पहाड़ी से टकरा गया होगा। उन्होंने कहा कि इसे गलत तरीके से किराना हिल्स पर हमले के रूप में पेश किया गया।

पूर्व CDS ने बताया कि सैन्य अभियानों के दौरान कई तरह की गतिविधियां होती हैं और हर घटना का सही विश्लेषण जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान के दौरान हथियारों और तकनीकी प्रणालियों के प्रदर्शन से जुड़ी परिस्थितियों को समझना महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने कहा कि किराना हिल्स को लेकर जो चर्चा हुई, उसमें तथ्यों को सही तरीके से समझने की आवश्यकता है। भारतीय सेनाओं का उद्देश्य किसी परमाणु प्रतिष्ठान को निशाना बनाना नहीं था। उन्होंने बताया कि कार्रवाई का फोकस तय सैन्य लक्ष्यों और रणनीतिक उद्देश्यों पर था।

जनरल चौहान ने ड्रोन हमलों की चर्चा करते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आत्मघाती ड्रोन दुश्मन के ठिकानों तक पहुंचने और सटीक हमला करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। हालांकि, तकनीकी कारणों, मौसम या अन्य परिस्थितियों के कारण कई बार ये अपने निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाते।

उन्होंने कहा कि सरगोधा की दिशा में भेजे गए ड्रोन में से एक के साथ भी ऐसी स्थिति बनी हो सकती है। ड्रोन की उड़ान क्षमता खत्म होने के बाद वह अपने मार्ग से हटकर नीचे गिरा और पहाड़ी क्षेत्र में टकरा गया।

पूर्व CDS ने यह भी कहा कि सैन्य अभियानों में हर छोटी घटना का विश्लेषण किया जाता है। इससे भविष्य की रणनीति बनाने और तकनीकी कमियों को दूर करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि सेनाएं लगातार अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने पर काम करती हैं।

किराना हिल्स पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित एक क्षेत्र है, जिसे लेकर समय-समय पर सुरक्षा और रणनीतिक चर्चाएं होती रही हैं। इस क्षेत्र को लेकर कई तरह की रिपोर्ट सामने आती रही हैं, हालांकि सैन्य अभियानों से जुड़ी वास्तविक स्थिति हमेशा आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही समझी जा सकती है।

जनरल अनिल चौहान का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा मामलों को लेकर चर्चा जारी है। उन्होंने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि सैन्य अभियानों से जुड़ी घटनाओं को लेकर सही जानकारी और विश्लेषण बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य स्पष्ट रणनीतिक लक्ष्य हासिल करना होता है। इसलिए किसी घटना को लेकर केवल अनुमान के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रोन आधारित युद्ध प्रणाली आने वाले समय में सुरक्षा अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाली है। दुनिया भर में सेनाएं निगरानी, लक्ष्य पहचान और हमले के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं।

जनरल अनिल चौहान के बयान से यह स्पष्ट करने की कोशिश की गई है कि किराना हिल्स को लेकर सामने आई चर्चाओं में तथ्य अलग थे। उनके अनुसार, भारतीय सेना ने उस क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया था, बल्कि सरगोधा की दिशा में ड्रोन अभियान चलाया गया था।

फिलहाल जनरल चौहान के इस बयान के बाद ऑपरेशन से जुड़े तकनीकी पहलुओं और ड्रोन कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सुरक्षा विशेषज्ञ अब इस बयान को सैन्य रणनीति और आधुनिक युद्ध तकनीक के संदर्भ में देख रहे हैं।

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