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ओमान तट के पास साइप्रस के जहाज पर हमले की भारत ने की निंदा

Kavita2
12 July 2026 2:47 PM IST
ओमान तट के पास साइप्रस के जहाज पर हमले की भारत ने की निंदा
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नई दिल्ली : भारत ने रविवार को साइप्रस के झंडे वाले मर्चेंट जहाज GFS गैलेक्सी पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। यह हमला ओमान के तट के पास हुआ, जिसे ईरान की ओर से "वॉर्निंग शॉट" बताया गया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जहाज पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नाविक अभी भी लापता है। भारतीय दूतावास लगातार ओमानी अधिकारियों के संपर्क में रहकर राहत और बचाव अभियान में सहयोग कर रहा है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, मस्कट स्थित भारतीय दूतावास इस घटना पर करीबी नजर बनाए हुए है और लापता भारतीय नाविक की तलाश के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है। मंत्रालय ने कहा कि ओमान के अधिकारियों द्वारा चलाए जा रहे सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय दूतावास पूरी तरह सहयोग कर रहा है।

MEA ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही में किसी भी प्रकार का खतरा गंभीर चिंता का विषय है। भारत ने जहाज पर हुए हमले की निंदा करते हुए सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और जहाजों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने की अपील की है।

जानकारी के अनुसार, साइप्रस के झंडे वाले मर्चेंट जहाज GFS गैलेक्सी पर ओमान के तट के नजदीक यह घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने इसे चेतावनी के तौर पर की गई कार्रवाई बताया है। हालांकि, घटना की विस्तृत जांच जारी है और हमले के पीछे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय अधिकारियों ने सक्रियता दिखाई। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने ओमान के संबंधित विभागों के साथ संपर्क स्थापित किया और जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। दूतावास की ओर से लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है।

विदेश मंत्रालय ने ओमान सरकार और वहां के अधिकारियों का भी धन्यवाद किया है, जिन्होंने बचाव अभियान में सहयोग दिया। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और विदेशों में किसी भी संकट की स्थिति में भारतीय मिशन तुरंत सहायता के लिए सक्रिय होते हैं।

समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में हाल के वर्षों में समुद्री मार्गों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसी भी जहाज पर हमला या खतरे की स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता पैदा करती है।

भारतीय नौसेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी खाड़ी क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों पर नजर रखती हैं। भारतीय व्यापारिक जहाजों और वहां कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार लगातार संबंधित देशों के साथ समन्वय बनाए रखती है।

इस घटना ने एक बार फिर समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वहां काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दे को सामने ला दिया है। भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां बड़ी संख्या में नागरिक समुद्री क्षेत्र में काम करते हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में उनकी सुरक्षित वापसी सरकार के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।

फिलहाल लापता भारतीय नाविक की तलाश के लिए अभियान जारी है। भारतीय दूतावास ओमानी अधिकारियों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही लापता नाविक के संबंध में कोई सकारात्मक जानकारी मिल सकती है।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, उसके अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिलाया है।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम एशिया क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सतर्कता बढ़ी हुई है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और किसी भी संकट की स्थिति में उनके हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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