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भारी हंगामे के अगले दिन INDIA गठबंधन की लंच बैठक, जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान

Kavita2
7 Oct 2026 4:02 PM IST
भारी हंगामे के अगले दिन INDIA गठबंधन की लंच बैठक, जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान
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नई दिल्ली। चुनाव आयोग के खिलाफ मंगलवार को हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लंबे धरने के एक दिन बाद बुधवार को INDIA गठबंधन के नेता दिल्ली में एक बार फिर जुटे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निमंत्रण पर विपक्षी सांसद जनपथ स्थित सागर रत्न रेस्टोरेंट पहुंचे, जहां लंच के दौरान आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद खरगे ने कहा कि विपक्षी दल जंतर-मंतर पर संयुक्त धरना देंगे।

यह बैठक ऐसे समय हुई जब मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया था, जिसके बाद कई नेता धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी भी कई घंटे तक विरोध स्थल पर डटे रहे। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने आरोपों को लेकर आंदोलन कर रहा है।

बुधवार दोपहर सागर रत्न रेस्टोरेंट में हुई बैठक को विपक्ष की अगली राजनीतिक रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गठबंधन के सांसदों को दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया था। बैठक में कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों के सांसद और नेता शामिल हुए।

रेस्टोरेंट में जुटे नेताओं ने मंगलवार के प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और चुनाव आयोग के खिलाफ आगे के कार्यक्रमों पर चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य विपक्षी दलों के बीच समन्वय बनाए रखना और आगामी विरोध कार्यक्रमों के स्वरूप पर सहमति बनाना था।

लंच के बाद खरगे ने कहा कि सभी विपक्षी दल मिलकर जंतर-मंतर पर धरना देंगे। इसके बाद INDIA गठबंधन के सांसद जंतर-मंतर पहुंचे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। रिपोर्ट के अनुसार करीब 300 विपक्षी सांसदों ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

विपक्षी नेताओं की बैठक के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई थी। जनपथ, कनॉट प्लेस और चुनाव आयोग कार्यालय के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए। कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए और संभावित मार्च को देखते हुए पुलिस की बसें भी तैनात रखी गईं।

चुनाव आयोग की ओर जाने वाले कई प्रमुख रास्तों पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस की कोशिश थी कि बिना अनुमति कोई बड़ा जुलूस आयोग के मुख्यालय तक न पहुंच सके। मंगलवार के घटनाक्रम को देखते हुए बुधवार को पहले से अधिक सतर्कता बरती गई।

मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई सांसद वहीं बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कुछ नेता लंबे समय तक मौके पर मौजूद रहे।

दिल्ली पुलिस ने बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों के खिलाफ एक मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की। पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारी आकाशवाणी भवन परिसर में बिना अनुमति दाखिल हुए और वहां से हटने से इनकार किया। विपक्ष ने इस कार्रवाई की आलोचना की है।

बुधवार की लंच बैठक में इन्हीं घटनाओं की समीक्षा भी की गई। विपक्षी नेताओं ने आगे के विरोध कार्यक्रमों में एकजुटता बनाए रखने और चुनाव आयोग से जुड़ी अपनी मांगों को सार्वजनिक स्तर पर लगातार उठाने पर चर्चा की।

INDIA गठबंधन के नेताओं का कहना है कि वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त से सीधे जवाब देने और आयोग से बातचीत की मांग भी की है।

वहीं चुनाव आयोग और सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों को लेकर अलग रुख सामने आता रहा है। ऐसे में यह मामला अब राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन गया है।

लंच बैठक को विपक्ष की “रणनीतिक बैठक” के तौर पर देखा गया। रेस्टोरेंट में भोजन के साथ नेताओं ने इस बात पर चर्चा की कि विरोध को संसद, सड़क और संवैधानिक संस्थाओं के सामने किस तरह आगे बढ़ाया जाए।

कांग्रेस के अलावा गठबंधन के अन्य दलों के नेताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि विपक्ष फिलहाल चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर संयुक्त मोर्चा बनाए रखना चाहता है।

बैठक के दौरान राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। अन्य विपक्षी सांसद भी अलग-अलग समय पर कार्यक्रम स्थल पहुंचे।

सुरक्षा एजेंसियों ने सागर रत्न के आसपास भी निगरानी बढ़ा दी थी। बड़ी संख्या में नेताओं और सांसदों की मौजूदगी के कारण इलाके में पुलिस की तैनाती की गई।

जंतर-मंतर पर होने वाले धरने के लिए भी अलग सुरक्षा व्यवस्था की गई। पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात पर असर कम करने की रही।

विपक्षी दलों ने मंगलवार के प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए बुधवार के धरने को अपने आंदोलन की अगली कड़ी बताया। उनका कहना है कि जब तक चुनाव आयोग से जुड़े उनके सवालों का जवाब नहीं मिलता, तब तक विरोध जारी रहेगा।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बैठक के बाद संयुक्त प्रदर्शन की घोषणा कर यह स्पष्ट कर दिया कि विपक्ष फिलहाल इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है।

दूसरी ओर दिल्ली पुलिस पिछले दिन की घटनाओं को देखते हुए किसी भी अनियंत्रित मार्च को रोकने की तैयारी में रही। इसी कारण चुनाव आयोग की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी सुरक्षा तैनाती की गई थी।

मंगलवार के धरने और बुधवार की लंच बैठक के बाद राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं। विपक्ष अब जंतर-मंतर को अपने विरोध का नया केंद्र बना रहा है।

INDIA गठबंधन की इस बैठक का एक उद्देश्य आपसी समन्वय को भी मजबूत करना था। अलग-अलग दलों के नेताओं ने अपने-अपने सुझाव रखे और साझा कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की।

फिलहाल विपक्ष की रणनीति यह है कि चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर संयुक्त विरोध जारी रखा जाए। जंतर-मंतर का धरना इसी रणनीति का हिस्सा है।

दिल्ली में दो दिनों से लगातार हो रहे इन राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण राजधानी के मध्य हिस्से में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि INDIA गठबंधन जंतर-मंतर के बाद अगला विरोध कार्यक्रम क्या तय करता है और चुनाव आयोग इस राजनीतिक दबाव के बीच क्या प्रतिक्रिया देता है।

बुधवार की लंच बैठक ने यह साफ कर दिया कि मंगलवार के हंगामे और धरने के बाद भी विपक्ष ने अपना आंदोलन खत्म नहीं किया है। बल्कि अब वह इसे नई रणनीति और संयुक्त कार्यक्रमों के साथ आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

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