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दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक शुरू, SIR और चुनाव आयोग पर बनेगी साझा रणनीति

नई दिल्ली। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच बुधवार, 30 सितंबर को दिल्ली में INDIA ब्लॉक की अहम बैठक शुरू हुई। बैठक में विपक्षी दल चुनावी मुद्दों पर साझा रणनीति, आगे की राजनीतिक कार्रवाई और संभावित संयुक्त आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा कर रहे हैं।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और राजद नेता तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हैं। कुछ दलों ने अपने प्रतिनिधि भेजे हैं, जबकि कुछ नेता वर्चुअल माध्यम से जुड़ सकते हैं।
आज कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक हुई।
— Congress (@INCIndia) September 30, 2026
इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge, CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी और नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi के साथ INDIA गठबंधन के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
📍 दिल्ली pic.twitter.com/AkLvTNdQ7q
बैठक का सबसे प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटने, दस्तावेजों की जांच और नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल हैं। विपक्ष चाहता है कि इन मुद्दों पर सभी दल एक साझा रुख अपनाएं और चुनाव आयोग से विस्तृत जवाब मांगा जाए। ये आरोप विपक्षी दलों के हैं, जबकि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रियाओं को नियमों के अनुरूप बताता रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस कार्यसमिति ने एक दिन पहले हुई बैठक में उनके इस्तीफे की मांग की थी और SIR प्रक्रिया को रोकने की मांग उठाई थी। अब INDIA ब्लॉक इस मुद्दे पर संयुक्त रणनीति बनाने पर विचार कर रहा है।
विपक्षी दल इस बात पर भी चर्चा कर रहे हैं कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को संसद के भीतर और बाहर किस तरह उठाया जाए। संभावित संयुक्त विरोध प्रदर्शन, जनसभाएं और राजनीतिक अभियान भी एजेंडे का हिस्सा बताए जा रहे हैं। कुछ विपक्षी नेताओं ने देशव्यापी आंदोलन की जरूरत पर जोर दिया है।
बैठक में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया भी बड़ा मुद्दा बनी हुई है। विपक्षी दलों का कहना है कि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले पर्याप्त जांच और सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए। उनका दावा है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होनी चाहिए।
हाल के दिनों में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े कुछ डिजिटल और प्रशासनिक प्रावधानों की समीक्षा भी शुरू की है। आयोग ने मतदाता सूची सॉफ्टवेयर की समीक्षा के लिए कदम उठाए हैं और कुछ राज्यों में Form 6 से SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा की आवश्यकता भी हटाई गई है।
INDIA ब्लॉक की बैठक ऐसे समय हो रही है जब चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच मतदाता सूची को लेकर लगातार बयानबाजी बढ़ रही है। विभिन्न विपक्षी दलों ने अलग-अलग राज्यों में SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और इसे लेकर अदालत तथा राजनीतिक मंचों पर भी मुद्दा उठाया गया है।
तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी भी SIR और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के सवाल पर लगातार चुनाव आयोग की आलोचना करती रही हैं। उन्होंने दिल्ली आने से पहले कहा था कि विपक्षी दलों को इस विषय पर एक साथ बैठकर रणनीति बनानी चाहिए।
बैठक में EVM और VVPAT से जुड़े सवालों पर भी चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष के कुछ दल चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग करते रहे हैं। हालांकि इस बैठक का तत्काल फोकस SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर केंद्रित है।
सभी विपक्षी दल इस बैठक में मौजूद नहीं हैं। कुछ दलों ने बैठक से दूरी बनाई है, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। अखिलेश यादव अन्य राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण स्वयं बैठक में शामिल नहीं हुए।
बैठक से पहले कांग्रेस ने मंगलवार को अपनी कार्यसमिति की बैठक की थी। उसमें पार्टी ने SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग के कामकाज पर विस्तार से चर्चा की थी। कांग्रेस ने इसके बाद INDIA ब्लॉक की बैठक में संयुक्त विपक्षी रणनीति पर जोर देने का फैसला किया।
INDIA ब्लॉक के सामने चुनौती यह भी है कि अलग-अलग राज्यों में विपक्षी दलों की स्थानीय राजनीतिक प्राथमिकताएं अलग हैं। इसके बावजूद चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे पर अधिकांश दल एक साझा मंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
बैठक में यह तय किया जा सकता है कि आगे चुनाव आयोग के सामने संयुक्त प्रतिनिधिमंडल भेजा जाए या संसद में इस मुद्दे को लेकर समन्वित कार्रवाई की जाए। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग से जुड़ी प्रक्रिया पर भी विपक्षी दल विचार कर सकते हैं।
हालांकि किसी संवैधानिक पदाधिकारी को हटाने से जुड़ी प्रक्रिया कानून और संविधान के तहत निर्धारित होती है, इसलिए इस दिशा में विपक्ष को संसदीय और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।
विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची चुनावी प्रक्रिया की बुनियाद है और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रम चुनाव की विश्वसनीयता पर असर डाल सकता है। इसी कारण वे SIR की प्रक्रिया, मतदाता सत्यापन और नाम हटाने के नियमों को लेकर स्पष्टता चाहते हैं।
दूसरी ओर चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन रखना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है और संशोधन की प्रक्रिया निर्धारित कानून और नियमों के तहत की जाती है। आयोग ने आंतरिक मतभेदों से जुड़ी रिपोर्टों को भी सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
दिल्ली में जारी INDIA ब्लॉक की बैठक का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। बैठक खत्म होने के बाद विपक्षी दल संयुक्त बयान या आगे की कार्ययोजना जारी कर सकते हैं।
फिलहाल SIR और चुनाव आयोग का मुद्दा विपक्षी राजनीति के केंद्र में आ गया है। बैठक से यह स्पष्ट हो सकता है कि INDIA ब्लॉक आने वाले दिनों में केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा या इस मुद्दे पर देशव्यापी संयुक्त अभियान शुरू करेगा।





