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राहुल प्रियंका के नेतृत्व में INDIA गठबंधन का सुप्रीम कोर्ट मार्च

Ratna Netam
12 Oct 2026 6:06 PM IST
राहुल प्रियंका के नेतृत्व में INDIA गठबंधन का सुप्रीम कोर्ट मार्च
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नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेताओं, कार्यकर्ताओं और नागरिक अधिकार संगठनों से जुड़े लोगों ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।प्रदर्शन में बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। मार्च के कारण दिल्ली के मंडी हाउस और बाराखंबा रोड जैसे प्रमुख इलाकों में यातायात प्रभावित होने की बात कही गई। इसी बीच राहुल गांधी की कानूनी टीम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री पहुंची, जहां रिट याचिका दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किए जाने की जानकारी है। विपक्ष इस याचिका के माध्यम से चुनाव आयोग से संबंधित अपनी शिकायतों को न्यायिक प्रक्रिया के सामने रखना चाहता है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने संभाली मार्च की अगुवाई
सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी प्रमुख रूप से शामिल रहे। दोनों नेताओं ने INDIA गठबंधन के मार्च का नेतृत्व किया और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को उठाया।राहुल गांधी ने इससे पहले विपक्षी दलों, युवाओं और नागरिक संगठनों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने इस अभियान को संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जोड़ा।विपक्ष ने अपने प्रदर्शन को 'चलो दिल्ली-मार्च फॉर डेमोक्रेसी' का नाम दिया। मार्च का उद्देश्य मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाना और मामले को सुप्रीम कोर्ट के सामने रखना था।
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा भी हुईं शामिल
मार्च में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ मौजूद रहीं।छात्र संगठनों और नागरिक अधिकारों से जुड़े कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने प्रदर्शन में युवाओं की मौजूदगी को प्रमुखता दी।नेहा बोरा का नाम दिल्ली में हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान भी सामने आया था। छात्र संगठनों ने चुनावी प्रक्रिया और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं।सोमवार के मार्च में राजनीतिक दलों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों की भागीदारी भी देखी गई।
मंडी हाउस और बाराखंबा रोड पर यातायात प्रभावित
विपक्षी गठबंधन के मार्च के दौरान मध्य दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ।मंडी हाउस और बाराखंबा रोड जैसे व्यस्त क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी के कारण आवाजाही में बाधा आने की जानकारी सामने आई।मार्च के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। दिल्ली में छह मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद रखने की सूचना भी जारी की गई थी।सुरक्षा संबंधी इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान भीड़ और यातायात का प्रबंधन करना बताया गया।
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री पहुंची राहुल गांधी की कानूनी टीम
प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी की कानूनी टीम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री पहुंची।जानकारी के अनुसार, टीम ने रिट याचिका दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने का अनुरोध किया।विपक्ष इस याचिका के जरिए एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त से संबंधित शिकायतों को अदालत के सामने रखना चाहता है।इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के 10 से 15 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल को न्यायालय परिसर के फाइलिंग काउंटर तक जाने की अनुमति दी।हालांकि, रजिस्ट्री में याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया और अदालत द्वारा मामले की सुनवाई के लिए स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया अलग-अलग हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
INDIA गठबंधन के प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग रहा।विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं।राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए और आरोपों की जांच की आवश्यकता बताई।वहीं, चुनाव आयोग और भाजपा ने चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक पक्षपात के आरोपों से इनकार किया है।
क्या है SIR प्रक्रिया?
एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है।इसका उद्देश्य निर्धारित नियमों के अनुसार मतदाता सूची की जांच और अद्यतन करना होता हैइस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं का नाम सूची में बनाए रखना और अपात्र या दोहराई गई प्रविष्टियों की पहचान करना महत्वपूर्ण होता है।विपक्ष का आरोप है कि पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटने की समस्या सामने आई है।दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने प्रक्रिया के औचित्य का बचाव किया है। इसलिए कथित गड़बड़ियों को फिलहाल विपक्ष के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट को राजनीति से दूर रखने पर जोर
सोमवार के घटनाक्रम के दौरान सुप्रीम कोर्ट में भी विरोध प्रदर्शनों से संबंधित मुद्दे उठे।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक विवादों में नहीं घसीटा जाना चाहिए।उन्होंने अदालत के सामान्य कामकाज और वकीलों, कर्मचारियों तथा मुकदमे से जुड़े लोगों की आवाजाही में बाधा नहीं आने देने पर जोर दिया।मुख्य न्यायाधीश ने विपक्षी प्रतिनिधियों से मुलाकात के अनुरोध को भी स्वीकार नहीं किया। संबंधित मामलों में निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया अपनाने की आवश्यकता बताई गई।
विपक्ष ने संविधान की रक्षा का उठाया मुद्दा
राहुल गांधी ने विरोध प्रदर्शन को संविधान और मतदान अधिकारों से जुड़ा अभियान बताया।उन्होंने विपक्षी दलों के अलावा नागरिक संगठनों और युवाओं से भी इसमें शामिल होने की अपील की।विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची की निष्पक्षता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है।इसी आधार पर गठबंधन ने एसआईआर प्रक्रिया रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है।हालांकि, इन मांगों पर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रियाओं के अनुसार ही हो सकता है।
आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर रहेगी नजर
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में निकाले गए मार्च के बाद अब विपक्ष की प्रस्तावित रिट याचिका और उससे संबंधित न्यायिक कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।सुप्रीम कोर्ट के फाइलिंग काउंटर तक प्रतिनिधिमंडल को जाने की अनुमति मिलने से याचिका प्रस्तुत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।हालांकि, अदालत की ओर से एसआईआर रोकने या मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई करने का कोई अंतिम आदेश इस घटनाक्रम के आधार पर नहीं माना जा सकता।सोमवार के प्रदर्शन ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण, चुनाव आयोग की जवाबदेही और नागरिकों के मतदान अधिकारों से जुड़ी बहस को फिर प्रमुखता दी है।
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