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राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन का सुप्रीम कोर्ट मार्च
Ratna Netam
12 Oct 2026 3:36 PM IST

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नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन ने सोमवार को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। गठबंधन के सांसद और नेता बाराखंबा रोड चौराहे पर पहुंचे और वहां से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च शुरू किया। विपक्षी नेताओं ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए।विपक्षी गठबंधन का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। कांग्रेस सहित गठबंधन के नेताओं ने इस मुद्दे पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है। हालांकि, विपक्ष के आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं किया गया है। चुनाव आयोग की ओर से इन विशिष्ट आरोपों पर प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, INDIA गठबंधन के सांसद सोमवार को दिल्ली के बाराखंबा रोड चौराहे पर एकत्र हुए। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च शुरू किया।विरोध प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियां और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर विपक्ष की आपत्तियां रहीं।गठबंधन के नेताओं का कहना है कि वे इस मामले को न्यायालय के समक्ष उठाना चाहते हैं। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।मार्च में राहुल गांधी के नेतृत्व का उल्लेख किया गया है। इसके साथ पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के नेताओं के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
सचिन पायलट ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने विरोध प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए हैं।सचिन पायलट ने कहा, "आज पूरा देश सड़कों पर है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में देश भर से कांग्रेस कार्यकर्ता यहां जमा हुए हैं। हम सबकी बस एक ही मांग है कि सुप्रीम कोर्ट हमारी बात सुने।"उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज को लेकर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके अनुसार जो कुछ हुआ है, वह गैर-कानूनी और असंवैधानिक है।पायलट ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए 'वोट चोरी' से संबंधित साक्ष्य लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए संघर्ष की आवश्यकता को दर्शाते हैं।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद पर बने रहने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखना चाहता है।पायलट ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के निर्णयों और कार्यप्रणाली ने विपक्ष के बीच गंभीर चिंताएं पैदा की हैं।उन्होंने कहा कि विपक्ष के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।हालांकि, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लगाए गए आरोप विपक्ष के दावे हैं। किसी आरोप का कानूनी रूप से सही या गलत होना संबंधित तथ्यों, साक्ष्यों और सक्षम न्यायिक या संवैधानिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
सचिन पायलट ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं के साथ मारपीट की जा रही है और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा है।उन्होंने कहा, "हम शांति से, गांधीवादी तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं। लेकिन पुलिस युवाओं को पीट रही है। नेताओं को जेल में डाला जा रहा है। यह गलत है।"पायलट ने केंद्र सरकार पर पुलिस का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस की कथित कार्रवाई के संबंध में उनके सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।दिल्ली में प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। केंद्रीय दिल्ली में यातायात प्रतिबंध और कुछ मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश तथा निकास बंद किए जाने की भी जानकारी सामने आई।
सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की अपील
विपक्षी नेताओं ने SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को न्यायालय के सामने रखने की बात कही है। सचिन पायलट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को विपक्ष की बात सुननी चाहिए, ताकि आवश्यक कदम उठाए जा सकें।इस बीच, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किया। संबंधित मुद्दों के न्यायालय में विचाराधीन होने का उल्लेख किया गया है।
चुनाव आयोग ने आरोपों को नकारा
SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच मतभेद बने हुए हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान अनियमितताएं हुई हैं। वहीं, चुनाव आयोग और भाजपा ने चुनावी गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण को आयोग ने अपात्र और दोहराई गई प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया से जोड़ा है।ऐसे में विपक्ष के आरोपों और आयोग के पक्ष के बीच कानूनी तथा तथ्यात्मक प्रश्न बने हुए हैं। किसी भी कथित अनियमितता का अंतिम निर्धारण संबंधित साक्ष्यों और सक्षम संस्थाओं की जांच पर निर्भर करेगा।
SIR को लेकर राजनीतिक टकराव जारी
सोमवार के प्रदर्शन ने मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद को फिर प्रमुखता दी है।राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर अपनी मांगें उठाईं। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए।फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह पुष्टि नहीं होती कि प्रस्तावित याचिका औपचारिक रूप से दाखिल हो चुकी है। विपक्ष की आगे की कानूनी कार्रवाई और न्यायालय में होने वाली सुनवाई से इस मामले की अगली स्थिति स्पष्ट होगी।
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