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कोरोना के कम होते मामलों को देखते हुए, डीडीएमए के सामने रख सकती है दिल्ली सरकार स्कूल खोलने का प्रस्ताव

Renuka Sahu
23 Jan 2022 2:50 AM GMT
कोरोना के कम होते मामलों को देखते हुए, डीडीएमए के सामने रख सकती है दिल्ली सरकार स्कूल खोलने का प्रस्ताव
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फाइल फोटो 

कोरोना के कम होते मामलों और छात्रों का सौ फीसदी वैक्सीनेशन होने के क्रम में दिल्ली सरकार दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सामने स्कूलों की बड़ी कक्षाएं खोलने का प्रस्ताव आने वाले रख सकती है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। कोरोना के कम होते मामलों और छात्रों का सौ फीसदी वैक्सीनेशन होने के क्रम में दिल्ली सरकार दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के सामने स्कूलों की बड़ी कक्षाएं खोलने का प्रस्ताव आने वाले रख सकती है। संभव है कि सभी जिलों में एक साथ स्कूल न खोले जाएं। प्राथमिकता उनको दी जाए, जहां कोरोना के मामले कम होने के साथ वैक्सीनेशन भी 100 फीसदी हो गया हो।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का मानना है कि पात्र 15-18 आयु वर्ग छात्रों का पूर्ण वैक्सीनेशन स्कूलों को ऑनलाइन से फिजिकल मोड में शिफ्ट करने में मददगार साबित होगा। दिलचस्प यह कि सरकारी स्कूलों में करीब तीन हफ्ते में 85 फीसद छात्रों को वैक्सीन लग गई है। शिक्षा निदेशालय का 30 जनवरी तक 100 फीसदी वैक्सीनेशन करवाने का लक्ष्य है। हालांकि, निजी और ऐडेड स्कूलों में वैक्सीनेशन की गति धीमी है।
सरकारी स्कूलों के वैक्सीनेशन के आंकड़े शेयर करते हुए शनिवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली के 15 में से 12 एजुकेशन डिस्ट्रिक्ट के सरकारी स्कूलों में 85 फीसद बच्चों को टीका लग गया है। इसमें 300 ऐसे भी स्कूल हैं, जहां यह आंकड़ा 90 फीसदी तक पहुंच गया है। दूसरी तरफ निजी स्कूलों का प्रदर्शन अभी तक निराशाजनक रहा है। 21 जनवरी तक मात्र 42 फीसदी छात्रों को टीका लग सका है। पूर्वी जिले को छोड़ दें, तो बाकी सभी जिलों में किसी स्कूल का यह आंकड़ा 50 फीसदी तक नहीं पहुंच पाया है। निजी स्कूलों में टीका लगवाने के पात्र छात्रों की संख्या करीब 3.50 लाख है, लेकिन अभी दो लाख को भी टीका नहीं लगा है। जबकि एडेड स्कूलों में भी अभी सिर्फ 57 फीसदी को वैक्सीन लगी है।
मनीष सिसोदिया के मुताबिक, वैक्सीनेशन को लेकर सरकारी स्कूलों में जिस गति से काम हो रहा है, वह काबिले तारीफ है। कोरोना के इस मुश्किल हालात में पढ़ाई से लेकर वैक्सीनेशन तक में शिक्षकों ने अहम भूमिका अदा कर रहे हैं। 100 फीसदी वैक्सीनेशन पढ़ाई को ऑनलाइन से ऑफ लाइन शिफ्ट करने में मददगार होगा। अब जहां कोरोना के मामले कम हो रहे हैं और बड़ी क्लासों के ज्यादातर बच्चों को वैक्सीन लग चुकी है वहां के स्कूलों को खोलने का प्रस्ताव डीडीएमए के सामने रखा जा सकता है।
गौरतलब है कि 15-18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन 3 जनवरी से शुरू हो गई थी। इसके लिए हर स्कूल में वैक्सीनेशन के लिए नोडल इंचार्ज नियुक्त किया गया है। साथ ही सभी कक्षाध्यापकों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी थी कि वे बच्चों व उनके पेरेंट्स को वैक्सीनेशन साईट की जानकारी दें। सरकार ने इन बच्चों के टीकाकरण के लिए 150 से अधिक वैक्सीनेशन साइट्स तय की है। साथ ही 20 स्कूल हेल्थ क्लीनिकों को भी टीकाकरण केंद्र बनाया गया है।
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