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US-ईरान तनाव का असर: भारत में ATF महंगा, एयर इंडिया और इंडिगो घटाएंगी घरेलू उड़ानें

New Delhi नई दिल्ली : US-ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार के साथ-साथ भारत के एविएशन सेक्टर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज़ उछाल के चलते देश की प्रमुख एयरलाइंस एयर इंडिया और इंडिगो ने 1 जून से अगले तीन महीनों के लिए अपनी घरेलू उड़ान सेवाओं में कटौती करने का फैसला किया है।
सूत्रों के अनुसार, घरेलू विमानन बाजार में 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली ये दोनों बड़ी एयरलाइंस बढ़ती परिचालन लागत और यात्रियों की मांग में उतार-चढ़ाव को देखते हुए अपने ऑपरेशन को सीमित करने की योजना पर काम कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, एयर इंडिया अपने घरेलू उड़ान संचालन में लगभग 15 प्रतिशत की कटौती कर सकती है, जबकि इंडिगो 5 से 7 प्रतिशत उड़ानों को अस्थायी रूप से कम करने की तैयारी में है। इस फैसले से देश के कई रूटों पर उड़ानों की संख्या घट सकती है और यात्रियों को किराए में बढ़ोतरी का सामना भी करना पड़ सकता है।
एविएशन सेक्टर के विशेषज्ञों के अनुसार, ATF की कीमतें एयरलाइंस की कुल परिचालन लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होती हैं, इसलिए ईंधन कीमतों में किसी भी तरह की वृद्धि का सीधा असर टिकट कीमतों और उड़ानों की संख्या पर पड़ता है।
एयर इंडिया के सूत्रों ने बताया कि हाल के युद्ध और वैश्विक तनाव के बाद ATF की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहले जहां इसकी कीमत लगभग 80,000 रुपये प्रति किलोलीटर थी, वहीं अब यह बढ़कर 1 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से अधिक हो चुकी है।
इसके अलावा, अलग-अलग राज्यों में लागू अलग-अलग वैट दरों ने भी ईंधन की लागत को और बढ़ा दिया है, जिससे एयरलाइंस पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्थिति जल्द स्थिर नहीं होती है, तो आने वाले समय में एयरलाइन कंपनियों को और भी बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं, जिसका असर सीधे यात्रियों और घरेलू हवाई यात्रा पर पड़ेगा।
फिलहाल, एयरलाइंस लागत संतुलन और ऑपरेशन को बनाए रखने के लिए रणनीति पर काम कर रही हैं।





