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दिल्ली में अवैध पटाखों के गोदाम का भंडाफोड़, 2,375 किलो पटाखे जब्त

Kavita2
25 Oct 2026 12:29 PM IST
दिल्ली में अवैध पटाखों के गोदाम का भंडाफोड़, 2,375 किलो पटाखे जब्त
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नई दिल्ली। दिल्ली में दिवाली से पहले अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में शालीमार बाग थाना पुलिस ने हैदरपुर गांव में अवैध रूप से रखे गए हरे पटाखों के गोदाम का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से कुल 2,375 किलोग्राम पटाखे जब्त किए हैं। इस मामले में रोहन गाबा और भाव्य जग्गी की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे कहां से लाए गए थे और इन्हें किन स्थानों पर सप्लाई किया जाना था।

इस कार्रवाई को त्योहारों के दौरान प्रतिबंधित या नियमों के विपरीत पटाखों के भंडारण पर रोक लगाने के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि जब्त पटाखों की बिक्री, भंडारण और परिवहन से संबंधित सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

हैदरपुर गांव में अवैध गोदाम का खुलासा

पुलिस के अनुसार, शालीमार बाग थाना क्षेत्र की टीम ने हैदरपुर गांव में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रखे गए पटाखों के गोदाम का पता लगाया।

जांच के दौरान यहां बड़ी मात्रा में हरे पटाखे रखे होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने मौके से 2,375 किलोग्राम पटाखे जब्त किए।

इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण सामने आने के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गोदाम का संचालन किस उद्देश्य से किया जा रहा था।

यह भी पता लगाया जा रहा है कि पटाखे कब से यहां रखे गए थे और इनके भंडारण के लिए संबंधित नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

हालांकि गोदाम के सटीक पते, तलाशी के समय और कार्रवाई के दौरान मौजूद अन्य लोगों के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

रोहन गाबा और भाव्य जग्गी की संलिप्तता आई सामने

इस मामले में रोहन गाबा और भाव्य जग्गी की संलिप्तता सामने आने की जानकारी दी गई है।

पुलिस अब मामले से जुड़े लोगों की भूमिका और पटाखों के भंडारण से उनके संबंधों की जांच कर रही है।

जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि गोदाम किसके नियंत्रण में था और पटाखों की खरीद तथा आपूर्ति की व्यवस्था कौन संभाल रहा था।

हालांकि उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है या उनके खिलाफ आगे की क्या कार्रवाई हुई है।

इसलिए फिलहाल उनकी संलिप्तता को जांच से जुड़ा तथ्य मानते हुए मामले के अंतिम निष्कर्ष की प्रतीक्षा करना आवश्यक है।

2,375 किलोग्राम पटाखे जब्त

पुलिस की कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य 2,375 किलोग्राम पटाखों की बरामदगी है।

इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े सवाल खड़े करता है।

पटाखों को रखने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी होता है। गलत तरीके से भंडारण किए जाने पर आग लगने या अन्य दुर्घटनाओं का खतरा पैदा हो सकता है।

हालांकि इस मामले में गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था, पटाखों के रखरखाव और वहां अग्निशमन संबंधी सुविधाओं की स्थिति का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

पुलिस की जांच से यह पता चल सकेगा कि पटाखों का भंडारण किन परिस्थितियों में किया गया था।

हरे पटाखों को लेकर क्या हैं नियम?

हरे पटाखे ऐसे पटाखों की श्रेणी में आते हैं, जिन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किया जाता है। इन्हें सामान्य पटाखों की तुलना में प्रदूषणकारी उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

हालांकि हरे पटाखे होने का मतलब यह नहीं है कि उनके भंडारण और बिक्री पर कोई नियम लागू नहीं होते।

पटाखों की बिक्री, परिवहन और भंडारण के लिए संबंधित कानूनी प्रावधानों और सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है।

दिल्ली में पटाखों को लेकर लागू प्रतिबंधों और अनुमतियों की स्थिति संबंधित सरकारी आदेशों के अनुसार निर्धारित होती है।

इस मामले में पुलिस ने गोदाम को अवैध बताया है। हालांकि कौन-से विशिष्ट नियमों का उल्लंघन हुआ, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

त्योहारों से पहले पुलिस की कार्रवाई

दिवाली के आसपास पटाखों की मांग बढ़ने के कारण इनके भंडारण और बिक्री पर निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है।

पुलिस और संबंधित विभाग नियमों के उल्लंघन की आशंका वाले स्थानों पर कार्रवाई कर सकते हैं।

शालीमार बाग थाना पुलिस की यह कार्रवाई इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

हैदरपुर गांव में बड़ी मात्रा में पटाखे मिलने के बाद अब इनके स्रोत और संभावित वितरण नेटवर्क की जांच अहम होगी।

हालांकि इस मामले में किसी व्यापक सप्लाई नेटवर्क के शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

प्रदूषण और सुरक्षा को लेकर चिंता

दिल्ली में वायु प्रदूषण एक गंभीर पर्यावरणीय चुनौती बना रहता है। त्योहारों के दौरान पटाखों के इस्तेमाल से वायु गुणवत्ता पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

इसी वजह से पटाखों के उपयोग और बिक्री को लेकर सरकारी नियमों तथा न्यायिक निर्देशों का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है।

हरे पटाखों के संबंध में भी निर्धारित मानकों और लागू आदेशों का पालन आवश्यक है।

इसके अलावा बड़ी मात्रा में पटाखे एक स्थान पर रखने से आग लगने की स्थिति में नुकसान का जोखिम बढ़ सकता है।

हालांकि इस गोदाम से जब्त पटाखों के प्रदूषण संबंधी परीक्षण या उनके निर्माण मानकों के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

सप्लाई नेटवर्क की जांच महत्वपूर्ण

गोदाम से बरामद पटाखों के स्रोत का पता लगाना जांच का एक प्रमुख पहलू हो सकता है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि पटाखे कहां से खरीदे गए, किस माध्यम से हैदरपुर लाए गए और इन्हें कहां भेजने की योजना थी।

यदि इस मामले में अन्य लोगों या कारोबारियों की भूमिका सामने आती है, तो जांच का दायरा बढ़ सकता है।

हालांकि अभी तक किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता या दूसरे गोदामों से जुड़े होने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

पुलिस जांच के बाद सामने आएंगे नए तथ्य

शालीमार बाग थाना पुलिस ने हैदरपुर गांव में अवैध रूप से रखे गए पटाखों के गोदाम का भंडाफोड़ कर 2,375 किलोग्राम पटाखे जब्त किए हैं।

मामले में रोहन गाबा और भाव्य जग्गी की संलिप्तता सामने आई है।

अब जांच में गोदाम के संचालन, पटाखों की खरीद, उनके भंडारण और संभावित सप्लाई से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल दोनों व्यक्तियों की गिरफ्तारी, दर्ज कानूनी धाराओं और जब्त पटाखों की विस्तृत श्रेणी के बारे में अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।

पुलिस की आगे की कार्रवाई से इस मामले के अन्य पहलुओं का पता चल सकेगा।

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