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तिरंगा फहराना कोई अपराध नहीं अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान
Ratna Netam
15 Oct 2026 5:08 PM IST

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' अभियान को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कार्यक्रम की अनुमति और संभावित भीड़ को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने का निर्धारित कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा भारत के गौरव और सम्मान का प्रतीक है तथा इसे फहराना कोई अपराध नहीं है।पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिपके ने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। उन्होंने कार्यक्रम को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अपना रुख दोहराया।
'कल हम बस तिरंगा फहराने जा रहे हैं'
गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा, "कल हम बस तिरंगा फहराने जा रहे हैं। हमारा तिरंगा हमारा गौरव है, और तिरंगा फहराना कोई अपराध नहीं है।"दिपके ने यह बयान उस समय दिया, जब 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम की अनुमति और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा चल रही थी।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। दिपके ने कार्यक्रम आयोजित करने की अपनी घोषणा दोहराई।
16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में कार्यक्रम का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है।अभिजीत दिपके ने लोगों से शाम 5 बजे राष्ट्रीय ध्वज के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की अपील की है। हालांकि, कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक अनुमति मिलने की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।इस कार्यक्रम की घोषणा के बाद सुरक्षा व्यवस्था और संभावित भीड़ के प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
CJP नेताओं की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा विवाद
दिल्ली में प्रस्तावित तिरंगा कार्यक्रम से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के दो नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ पुलिस कार्रवाई हुई थी।दोनों नेताओं को जंतर-मंतर क्षेत्र में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने और नारेबाजी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।पुलिस के अनुसार, दोनों नेताओं ने बैरिकेड पार कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया था। वहीं, अभिजीत दिपके ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने में आखिर क्या अपराध है।
अनुमति और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा
राष्ट्रीय राजधानी में विरोध-प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थानों और प्रशासनिक नियमों को लेकर भी विवाद चल रहा है।दिल्ली पुलिस ने हाल ही में जंतर-मंतर को अधिसूचित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाया था। इसके बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और शाहदरा स्थित सीबीडी ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों के रूप में चिह्नित किया गया।ऐसे में कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित आयोजन के लिए अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। राष्ट्रीय ध्वज फहराने और सार्वजनिक स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने के लिए लागू प्रशासनिक नियम अलग-अलग विषय हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी हुआ विवाद
गुरुवार को दिल्ली में अभिजीत दिपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की नेता नेहा बोरा की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी हंगामे की स्थिति बन गई।इस घटनाक्रम के बाद प्रस्तावित तिरंगा कार्यक्रम को लेकर चर्चा और तेज हो गई। कार्यक्रम के आयोजकों ने इसे राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करने की पहल बताया है।
अब 16 अक्टूबर के कार्यक्रम पर नजर
अभिजीत दिपके के ताजा बयान के बाद दिल्ली में शुक्रवार को प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम पर नजर बनी हुई है।दिपके ने स्पष्ट किया है कि वह राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अपने फैसले पर कायम हैं। वहीं, कार्यक्रम के आयोजन को लेकर प्रशासनिक अनुमति और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल अभी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।अब देखना होगा कि कार्यक्रम को लेकर प्रशासन क्या निर्णय लेता है और आयोजक निर्धारित नियमों के तहत इसे किस तरह आयोजित करते हैं।
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