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हिमंत सरमा का राहुल पर हमला, PM मोदी को लेकर कही बड़ी बात

Kavita2
8 Oct 2026 10:18 AM IST
हिमंत सरमा का राहुल पर हमला, PM मोदी को लेकर कही बड़ी बात
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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि जब तक भारत में सनातन की शक्ति मौजूद है, तब तक वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बाल भी बांका नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ हजार लोगों को एकत्र करके प्रधानमंत्री मोदी को रोकने की सोच रखने वालों को समझना चाहिए कि उनके साथ देश के करोड़ों लोगों का समर्थन और आशीर्वाद है। उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब कांग्रेस चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रही है और राहुल गांधी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।

वाराणसी में राहुल गांधी पर साधा निशाना

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार, 7 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के समापन समारोह में उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों की राजनीति पर सवाल उठाए।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को देश की जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है। उन्होंने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक भारत में सनातन की शक्ति है, तब तक प्रधानमंत्री मोदी का कोई नुकसान नहीं कर सकता।

उनके इस बयान को दिल्ली में जारी विपक्षी प्रदर्शन के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

हजारों लोगों को जुटाकर मोदी को नहीं रोक सकते

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यदि कुछ लोग यह सोचते हैं कि 10 से 20 हजार लोगों को एकत्र करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोका जा सकता है, तो यह उनकी गलतफहमी है।

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ करोड़ों देशवासियों का समर्थन है। उन्होंने विशेष रूप से देश की मातृशक्ति के आशीर्वाद का जिक्र किया।

सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाला जनसमर्थन उनकी राजनीतिक ताकत का प्रमुख आधार है। उन्होंने सनातन भारत की शक्ति का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी को चुनौती दी।

असम के मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी भाषण का वीडियो साझा किया और राहुल गांधी को चेतावनी देने की बात लिखी।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन

हिमंत बिस्वा सरमा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है।

राहुल गांधी लगातार इन मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

हालांकि, चुनाव आयोग और भाजपा ने मतदाता सूची में जानबूझकर गड़बड़ी करने तथा राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।

दिल्ली में हिरासत में लिए गए राहुल गांधी

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान बुधवार को दिल्ली में एक बार फिर राजनीतिक तनाव देखने को मिला।

राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्ष के कई सांसद जंतर-मंतर की ओर मार्च करना चाहते थे।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद पुलिस और विपक्षी नेताओं के बीच नोकझोंक हुई।

पुलिस ने राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। हालांकि, कुछ समय बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

पीएम मोदी के 25 साल के सफर का किया जिक्र

वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में जब नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी, उस समय राज्य कई चुनौतियों का सामना कर रहा था।

सरमा ने दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में गुजरात में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए और बाद में देश के विकास की दिशा में भी कई फैसले लिए गए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत हुई है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं और युवाओं से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के विकास से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।

राम मंदिर और अनुच्छेद 370 का भी किया उल्लेख

अपने संबोधन में हिमंत बिस्वा सरमा ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधान हटाए जाने का भी जिक्र किया।

उन्होंने इन फैसलों को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया।

सरमा ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कई ऐसे निर्णय लिए गए, जिनका देश की राजनीति और व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।

इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों की आलोचना भी की। विशेष रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लिया।

हालांकि, ये राजनीतिक दावे मुख्यमंत्री के भाषण का हिस्सा थे। इन मुद्दों पर कांग्रेस और भाजपा के अलग-अलग दृष्टिकोण रहे हैं।

कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ जारी प्रदर्शनों और वाराणसी में हिमंत बिस्वा सरमा के बयान के बाद कांग्रेस तथा भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

एक तरफ राहुल गांधी चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा नेता विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का समर्थन कर रहे हैं।

सरमा ने अपने भाषण में राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को जनता का व्यापक समर्थन हासिल है।

दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि उसका आंदोलन प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत विरोध के बजाय चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने से जुड़ा है।

भाजपा के लंबे राजनीतिक भविष्य का भी किया दावा

हिमंत बिस्वा सरमा ने वाराणसी की जनसभा में भाजपा के भविष्य को लेकर भी दावा किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा अगले 50 वर्षों तक सत्ता में बनी रहेगी। साथ ही युवाओं से देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी का साथ देने का आह्वान किया।

उनका यह बयान राजनीतिक विश्वास की अभिव्यक्ति है, न कि भविष्य के चुनाव परिणामों का कोई निश्चित संकेत।

अब राहुल गांधी की प्रतिक्रिया पर नजर

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष का आंदोलन जारी है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को प्रमुख राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठा रहे हैं।

इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लेकर भाजपा का पक्ष रखा है।

फिलहाल सरमा के इस विशेष बयान पर राहुल गांधी की आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है।

अब इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के नेताओं की आगामी प्रतिक्रियाओं के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।

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