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New Delhi नई दिल्ली : हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें असम में नई सरकार की स्थापना और शुरुआती योजनाओं के बारे में जानकारी दी। यह बैठक राजधानी दिल्ली में हुई, जहां दोनों नेताओं के बीच राज्य के विकास और राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई।
इस दौरान मुख्यमंत्री सरमा ने प्रधानमंत्री को असम में “NDA 3.0 सरकार” की शुरुआत और उसकी शुरुआती कार्ययोजना से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नई अवधि में विकास कार्यों को गति देने और विभिन्न योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
सरमा ने 12 मई को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। यह उपलब्धि राज्य में उनके नेतृत्व में एनडीए की मजबूत राजनीतिक स्थिति को सौंपी है। इसके साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की असम में यह लगातार तीसरी सरकार है, जो राजनीतिक स्थिरता का संकेत माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा की। पोस्ट में कहा गया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। हालांकि आधिकारिक पोस्ट में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई, लेकिन यह मुलाकात राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक एजेंडे के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री सरमा ने बाद में बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को असम में नई सरकार द्वारा शुरू किए गए कामों और आगे की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य में विकास परियोजनाओं को तेज गति देना और जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी समाधान निकालना है।
असम में हाल के वर्षों में बुनियादी ढांचे, निवेश और प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया गया है। नई सरकार के इस कार्यकाल में भी इन्हीं क्षेत्रों को प्राथमिकता दिए जाने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाएगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात केवल औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि इसमें राज्य की नई सरकार की प्राथमिक दिशा और केंद्र-राज्य सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। NDA सरकार के तीसरे कार्यकाल को लेकर रणनीतिक योजनाओं पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना जताई जा रही है।
इस मुलाकात को असम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जहां राज्य और केंद्र के बीच समन्वय को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में राज्य में कई बड़ी विकास परियोजनाओं के तेज़ी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।





