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हिमाचल बोर्ड की फर्जी मार्कशीट का खेल, गिरोह गिरफ्तार

Saba Naaz
22 July 2026 7:37 PM IST
हिमाचल बोर्ड की फर्जी मार्कशीट का खेल, गिरोह गिरफ्तार
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पूर्वी दिल्ली। शाहदरा पुलिस ने शिक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए हिमाचल प्रदेश बोर्ड की नकली मार्कशीट बनाने और बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना शबाब आलम समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित महज 10 हजार रुपये लेकर दसवीं और बारहवीं कक्षा की फर्जी मार्कशीट तैयार कर देते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से फर्जी दस्तावेज, लैपटॉप, प्रिंटर और मार्कशीट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया है।

शाहदरा जिले के डीसीपी आरपी मीणा ने बताया कि स्पेशल स्टाफ को 30 जून को सूचना मिली थी कि इलाके में एक गिरोह पैसे लेकर हिमाचल प्रदेश बोर्ड की फर्जी मार्कशीट बनाकर बेच रहा है। सूचना के आधार पर स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज आशीष कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने गिरोह तक पहुंचने के लिए एक पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर आरोपितों से संपर्क कराया।

पुलिसकर्मी ने बारहवीं की मार्कशीट बनवाने के लिए आरोपितों से संपर्क किया और अपनी फोटो व आधार कार्ड की जानकारी उपलब्ध कराई। आरोपितों ने उसे भरोसा दिया कि करीब 20 दिन में मार्कशीट तैयार कर दी जाएगी। इसके बाद पुलिस ने योजना के तहत कार्रवाई करते हुए जीटी रोड शाहदरा स्थित विकास माल के पास छापेमारी की और नवनीत त्यागी नामक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से कई फर्जी मार्कशीट बरामद हुईं।

पूछताछ में नवनीत ने पुलिस को बताया कि इस पूरे गिरोह का संचालन शबाब आलम करता है। इसके बाद पुलिस ने शबाब आलम और उसके सहयोगी फरीद को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि शबाब आलम मूल रूप से गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन का रहने वाला है। उसने वर्ष 2017 में हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान शुरू किया था और इसे हिमाचल प्रदेश बोर्ड से पंजीकृत कराया था।

पुलिस के अनुसार बाद में संस्थान में गड़बड़ियां सामने आने के बाद बोर्ड ने उसका पंजीकरण रद्द कर दिया। इसके बाद शबाब ने अपने पुराने संस्थान के नाम और दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करते हुए फर्जी मार्कशीट बनाने का धंधा शुरू कर दिया। वर्ष 2019 से वह एनसीआर क्षेत्र में रहकर इस अवैध कारोबार को चला रहा था।

आरोपित पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि वह वर्ष 2017 और 2018 की तारीख वाली मार्कशीट तैयार कर लोगों को बेचता था। अब तक वह करीब 150 लोगों को फर्जी मार्कशीट उपलब्ध करा चुका है। गिरोह का निशाना ऐसे लोग होते थे जिन्हें नौकरी के लिए दसवीं या बारहवीं पास होने का प्रमाण पत्र चाहिए होता था। खासकर सुरक्षा गार्ड, ऑफिस सहायक और अन्य निजी क्षेत्र की नौकरियों में शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के लिए लोग इनसे संपर्क करते थे।

पुलिस का कहना है कि आरोपितों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि किन-किन लोगों ने इनसे फर्जी मार्कशीट खरीदी है। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में हिमाचल प्रदेश बोर्ड का कोई कर्मचारी या अधिकारी शामिल है या नहीं। इसके लिए बोर्ड अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है।

शाहदरा पुलिस की इस कार्रवाई से फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि नौकरी या शिक्षा से जुड़े दस्तावेजों में किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचें और केवल आधिकारिक माध्यमों से ही प्रमाण पत्र प्राप्त करें।

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