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दिल्ली-एनसीआर
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
Ratna Netam
15 Oct 2026 9:10 PM IST

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में गुरुवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। अदालत ने प्रदर्शन पर पहले से प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने भरोसा दिलाया कि प्रदर्शन के कारण कानून-व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और आम नागरिकों को होने वाली संभावित परेशानियों को रोकने के लिए कानून के अनुसार हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।यह मामला पालिका बाजार के एक लाइसेंस प्राप्त स्ट्रीट वेंडर अनिल कुमार गुप्ता की ओर से दायर याचिका के बाद अदालत पहुंचा था। उन्होंने आशंका जताई थी कि कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन से व्यापारियों और दुकानदारों का कामकाज प्रभावित हो सकता है। अदालत ने दिल्ली पुलिस का आश्वासन रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले का निपटारा किया।
हाई कोर्ट ने प्रदर्शन रोकने से किया इनकार
दिल्ली हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।याचिकाकर्ता की ओर से मांग की गई थी कि कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शुक्रवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने या नियंत्रित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं।सुनवाई के दौरान अदालत ने दिल्ली पुलिस के आश्वासन को दर्ज किया, लेकिन CJP और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके को प्रदर्शन करने से रोकने का आदेश जारी नहीं किया।अदालत का यह निर्णय प्रदर्शन के लिए बिना शर्त अनुमति देने के समान नहीं है। प्रदर्शन के आयोजन पर लागू कानून और अनुमति संबंधी नियम प्रभावी रहेंगे।
व्यापारी ने जताई कारोबार प्रभावित होने की आशंका
पालिका बाजार के लाइसेंस प्राप्त स्ट्रीट वेंडर अनिल कुमार गुप्ता ने अपनी याचिका में कहा कि कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में प्रदर्शन के कारण व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन पुरी ने अदालत को बताया कि त्योहारों के मौसम में व्यापारियों के लिए सप्ताहांत का समय महत्वपूर्ण होता है।उन्होंने आशंका जताई कि प्रदर्शन के कारण यातायात बाधित होने, दुकानों तक ग्राहकों की पहुंच प्रभावित होने और बाजार बंद होने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।याचिकाकर्ता ने कहा कि यदि व्यापारियों को एक और सप्ताहांत बंदी का सामना करना पड़ा, तो उनकी आजीविका पर गंभीर असर पड़ सकता है।
सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन पर उठाए सवाल
वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन पुरी ने अदालत में दलील दी कि कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान नहीं है।उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन की अनुमति और आयोजन से संबंधित नियमों का पालन आवश्यक है।याचिका में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को भी प्रतिवादी बनाया गया था। याचिकाकर्ता ने उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।इसके अलावा अदालत से आग्रह किया गया कि प्रदर्शन के कारण व्यापारियों और आम नागरिकों को होने वाली संभावित परेशानियों को रोकने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए जाएं।
दिल्ली पुलिस ने अदालत में दिया आश्वासन
दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत में पक्ष रखा।उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए पहले से आवश्यक कदम उठाए हैं।उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि याचिकाकर्ता की चिंताओं का समाधान किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कानून के तहत सभी संभव उपाय अपनाए जाएंगे।खंडपीठ ने पुलिस के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया।
16 अक्टूबर को तिरंगा लहराने का आह्वान
CJP ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को शाम पांच बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'तिरंगा लहराओ' कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया है।संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।यह आह्वान दिल्ली में हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों और CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बाद सामने आया है।संगठन का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है।वहीं, पुलिस प्रशासन सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी गैरकानूनी गतिविधि को रोकने की बात कह रहा है।
जंतर-मंतर से जुड़ा विवाद भी जारी
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित जंतर-मंतर को अधिसूचित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने का फैसला भी विवाद का विषय बना हुआ है।भारतीय युवा कांग्रेस ने इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है।याचिकाकर्ताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार के लिए उचित स्थान उपलब्ध होना चाहिए।
शुक्रवार के कार्यक्रम पर प्रशासन की नजर
हाई कोर्ट की सुनवाई के बाद अब शुक्रवार को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित कार्यक्रम और पुलिस की व्यवस्थाओं पर निगाहें बनी हुई हैं।पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ आम नागरिकों, व्यापारियों और प्रदर्शनकारियों के वैध अधिकारों का भी ध्यान रखा जाए।फिलहाल अदालत ने CJP के प्रदर्शन पर पूर्व प्रतिबंध लगाने से इनकार किया है और दिल्ली पुलिस के कानूनी उपाय अपनाने के आश्वासन को दर्ज किया है।
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