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लोगों की आवाजाही रोकने पर हाईकोर्ट नाराज

Kavita2
4 Sept 2026 9:15 AM IST
लोगों की आवाजाही रोकने पर हाईकोर्ट नाराज
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यू राजेंद्र नगर इलाके में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में अव्यवस्था, अतिक्रमण और लोगों की आवाजाही में हो रही परेशानी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने साफ कहा कि रोजगार का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके नाम पर आम नागरिकों के रास्ते बंद करना और उनके शांतिपूर्ण जीवन में बाधा डालना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट ने बाजार के कारण स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानियों और सुरक्षा जोखिमों पर चिंता जताते हुए रेहड़ी-पटरी दुकानदारों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि स्ट्रीट वेंडरों को अपनी आजीविका चलाने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार नागरिकों के मौलिक अधिकारों को प्रभावित नहीं कर सकता।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने न्यू राजेंद्र नगर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार की स्थिति पर चर्चा की। कोर्ट के सामने यह बात रखी गई कि बाजार लगने के दौरान कई जगहों पर सड़कें और पैदल चलने के रास्ते बाधित हो जाते हैं। दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किए जाने से स्थानीय निवासियों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी इलाके में रहने वाले लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन का अधिकार है। यदि किसी गतिविधि के कारण लोगों के घरों तक पहुंचने के रास्ते बंद हो जाते हैं या आपात स्थिति में परेशानी पैदा होती है तो प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना होगा।

अदालत ने यह भी कहा कि सड़क और सार्वजनिक स्थान सभी नागरिकों के लिए हैं। किसी एक वर्ग के हित के लिए सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह कब्जा नहीं किया जा सकता कि दूसरे लोगों को परेशानी उठानी पड़े।

आजीविका के अधिकार को भी माना महत्वपूर्ण

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्ट्रीट वेंडरों के अधिकारों को भी स्वीकार किया। अदालत ने कहा कि छोटे दुकानदार और रेहड़ी-पटरी वाले अपनी आजीविका के लिए बाजारों पर निर्भर रहते हैं और कानून उन्हें व्यापार करने का अधिकार देता है।

हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि आजीविका का अधिकार नागरिकों की सुरक्षा, शांति और आवाजाही के अधिकार से ऊपर नहीं हो सकता। दोनों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।

कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई इंतजाम होना चाहिए जिससे दुकानदारों को रोजगार का अवसर मिले और स्थानीय निवासियों को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अतिक्रमण और सुरक्षा जोखिम पर जताई चिंता

हाईकोर्ट ने बाजार के कारण बढ़ते अतिक्रमण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि यदि रास्ते बंद होंगे तो किसी आपात स्थिति में एंबुलेंस, दमकल या सुरक्षा एजेंसियों के वाहनों को पहुंचने में परेशानी हो सकती है।

कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिए कि बाजार की व्यवस्था इस तरह की जाए कि लोगों की आवाजाही बाधित न हो। साथ ही दुकानदारों को निर्धारित स्थान और नियमों के अनुसार ही व्यापार करने की अनुमति दी जाए।

रेहड़ी-पटरी दुकानदारों पर लगेंगी पाबंदियां

अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाजार में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। दुकानदारों को तय सीमा के भीतर दुकान लगाने, रास्ते खाली रखने और सार्वजनिक स्थानों का गलत इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए जाएं।

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों की शिकायतों पर ध्यान देने के निर्देश

सुनवाई के दौरान स्थानीय निवासियों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। लोगों की शिकायत थी कि बाजार लगने के बाद इलाके में भीड़ बढ़ जाती है, यातायात प्रभावित होता है और कई बार घरों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

हाईकोर्ट ने कहा कि स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी बाजार या व्यावसायिक गतिविधि के कारण आम लोगों के अधिकार प्रभावित न हों।

अदालत के इस रुख के बाद न्यू राजेंद्र नगर के साप्ताहिक बाजार की व्यवस्था में बदलाव की संभावना है। अब प्रशासन को बाजार संचालन के लिए ऐसे कदम उठाने होंगे जिससे दुकानदारों की आजीविका भी बनी रहे और स्थानीय लोगों को भी राहत मिल सके। हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी तरह की अव्यवस्था और अतिक्रमण को केवल रोजगार के नाम पर अनुमति नहीं दी जा सकती।

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