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लाठीचार्ज मामले में दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस

Saba Naaz
22 July 2026 4:24 PM IST
लाठीचार्ज मामले में दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस
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नई दिल्ली। संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और अत्यधिक बल प्रयोग के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों के साथ अनुचित व्यवहार किया।

मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आदेश भी दिया है। अदालत ने निर्देश दिया कि प्रदर्शन स्थल से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेजों को तय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार सुरक्षित रखा जाए, ताकि जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।

याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि संसद मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के नाम पर लाठीचार्ज किया और अत्यधिक बल प्रयोग किया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई से कई लोगों को चोटें आईं और उनके अधिकारों का उल्लंघन हुआ।

दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि घटना से जुड़े सभी सबूतों को सुरक्षित रखा जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। याचिकाकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग भी की है।

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि घटना से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखना जरूरी है, जिससे भविष्य में मामले की सुनवाई के दौरान तथ्यों की सही जांच की जा सके।

दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को अब चार सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना होगा। जवाब में पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि संसद मार्च के दौरान किन परिस्थितियों में बल प्रयोग किया गया और इसके लिए क्या नियम अपनाए गए थे।

प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामलों में सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने सभी डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। अदालत का यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि ऐसे मामलों में घटनास्थल की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वीडियो साक्ष्य काफी मददगार साबित होते हैं।

मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। उस समय केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल जवाब के आधार पर अदालत आगे की प्रक्रिया तय करेगी। फिलहाल हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और जवाब तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

यह मामला संसद मार्च के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत की आगामी सुनवाई में यह साफ होगा कि पुलिस की कार्रवाई नियमों के तहत थी या नहीं और इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

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