दिल्ली-एनसीआर

दिल्ली HC में निचली बर्थ मामले की सुनवाई

Kiran
18 Sept 2026 10:01 AM IST
दिल्ली HC में निचली बर्थ मामले की सुनवाई
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दिल्ली हाई कोर्ट ने गर्भवती महिलाओं के लिए निचली बर्थ सुविधा पर मांगा जवाब

दिल्ली हाई कोर्ट ने गर्भवती महिलाओं को ट्रेन में निचली बर्थ उपलब्ध कराने के मुद्दे पर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अदालत ने इस मामले में व्यवस्था और नियमों को लेकर जानकारी मांगी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गर्भवती यात्रियों के लिए निचली बर्थ की सुविधा किस तरह लागू की जा रही है। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत के सामने गर्भवती महिलाओं को यात्रा के दौरान होने वाली परेशानियों का मुद्दा उठाया गया। याचिका में कहा गया कि गर्भावस्था के दौरान ऊपर की बर्थ पर चढ़ना कई महिलाओं के लिए कठिन हो सकता है। ऐसे में उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निचली बर्थ उपलब्ध कराने की मांग की गई।

याचिका में रेलवे की मौजूदा व्यवस्था और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का भी जिक्र किया गया। अदालत ने इस विषय पर रेलवे और संबंधित विभाग से जवाब मांगा है। हाई कोर्ट यह जानना चाहता है कि गर्भवती महिलाओं के लिए निचली बर्थ को लेकर वर्तमान में क्या प्रावधान हैं और उनका पालन किस तरह किया जा रहा है। रेलवे में पहले से ही कुछ श्रेणी के यात्रियों के लिए निचली बर्थ का कोटा उपलब्ध है। इसमें वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग यात्री और कुछ अन्य श्रेणियों के यात्रियों को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था और उसके क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित पक्षों से इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी देने को कहा है। कोर्ट के निर्देश के बाद अब रेलवे और अन्य संबंधित एजेंसियों को अपना पक्ष रखना होगा। गर्भवती महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने को लेकर समय-समय पर मांग उठती रही है। लंबी दूरी की ट्रेन यात्राओं में सीट की सुविधा उनके लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि स्वास्थ्य और आराम से जुड़े कारणों को ध्यान में रखना जरूरी होता है।

अब दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले की आगे की सुनवाई जवाब दाखिल होने के बाद होगी। अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गर्भवती महिलाओं के लिए निचली बर्थ को लेकर कोई नई व्यवस्था या निर्देश जारी किए जाते हैं या नहीं।

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