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टीबी मुक्त भारत के लिए बिहार के सांसदों के साथ स्वास्थ्य मंत्री की बैठक

SHIDDHANT
4 Dec 2025 9:44 PM IST
टीबी मुक्त भारत के लिए बिहार के सांसदों के साथ स्वास्थ्य मंत्री की बैठक
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Delhi दिल्ली: टीबी उन्मूलन की राष्ट्रीय मुहिम को और मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित विस्तारित संसद भवन एनेक्सी में बिहार के सांसदों के साथ अहम बैठक की। यह बैठक ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत चल रहे गहन संपर्क अभियान का हिस्सा है। इससे पहले उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के सांसदों के साथ भी इसी तरह की बैठकों का आयोजन किया जा चुका है। आने वाले हफ्तों में राज्य-स्तरीय परामर्श भी शुरू किए जाएंगे ताकि देशभर में टीबी के खिलाफ एकजुट प्रयास तेज किए जा सकें। बैठक में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, राजीव रंजन सिंह, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री राम नाथ ठाकुर, जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी, कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे सहित बिहार के कई सांसद मौजूद रहे। ‘टीबी मुक्त भारत के लिए सांसदों की भागीदारी’ कार्यक्रम के तहत सभी दलों के सांसदों को एक मंच पर लाकर टीबी उन्मूलन के प्रति राजनीतिक प्रतिबद्धता को और मजबूत किया गया।
अपने संबोधन में जेपी नड्डा ने 2015 से 2024 के बीच टीबी मामलों में 21 फीसदी गिरावट को एक बड़ी सफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि यह गिरावट वैश्विक औसत से लगभग दोगुनी है। साथ ही भारत 90 फीसदी उपचार सफलता दर के साथ विश्व औसत से काफी आगे है। नड्डा ने बताया कि बिहार में स्क्रीनिंग, सामुदायिक संपर्क और रोगी सहायता की दिशा में तेजी से हो रही प्रगति राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने सांसदों से अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता, शुरुआती जांच, सामाजिक कलंक कम करने, निक्षय शिविरों के आयोजन तथा टीबी रोगियों को पोषण एवं मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय नेतृत्व की अपील की। उन्होंने कहा कि “टीबी मुक्त भारत केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-प्रतिनिधियों की निर्णायक राजनीतिक इच्छाशक्ति से चलने वाला जन-आंदोलन है।”
बैठक में बिहार के सांसदों ने भी जमीनी स्तर पर जागरूकता, गुणवत्तापूर्ण निदान और रोगी-केंद्रित देखभाल को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई। स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने एआई-आधारित निदान और गहन जांच जैसी नई रणनीतियों की जानकारी दी, जबकि मिशन निदेशक आराधना पटनायक ने उपलब्धियों और चुनौतियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। यह बैठक टीबी-मुक्त बिहार और टीबी-मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न से प्रेरित मानकर आगे बढ़ाया जा रहा है।
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