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'मेड इन पाकिस्तान' दो ब्यूटी क्रीम पर हेल्थ अलर्ट, CDSCO ने दी चेतावनी

Kavita2
16 Sept 2026 11:14 AM IST
मेड इन पाकिस्तान दो ब्यूटी क्रीम पर हेल्थ अलर्ट, CDSCO ने दी चेतावनी
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नई दिल्ली। भारत के केंद्रीय औषधि नियामक ने ‘मेड इन पाकिस्तान’ लेबल वाली दो कॉस्मेटिक क्रीम को लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने ‘गोरी ब्यूटी क्रीम’ और ‘चांदनी व्हाइटनिंग क्रीम’ की बिक्री और वितरण को लेकर लोगों को आगाह किया है। नियामक के मुताबिक जांच में दोनों उत्पाद भारत में बिक्री के लिए अनधिकृत पाए गए और इनमें निर्धारित सीमा से अधिक भारी धातुओं की मौजूदगी भी सामने आई है।

CDSCO की जांच और विश्लेषण के बाद यह अलर्ट जारी किया गया। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) की ओर से दोनों कॉस्मेटिक उत्पादों की तस्वीरें साझा करते हुए चेतावनी दी गई कि इनका इस्तेमाल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

नियामक के अनुसार दोनों उत्पादों पर ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखा हुआ है। भारत में इन कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री के लिए सक्षम प्राधिकरण की ओर से आवश्यक इंपोर्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है। इस आधार पर इन्हें भारतीय बाजार के लिए अनधिकृत उत्पाद बताया गया है।

तय सीमा से ज्यादा मिलीं भारी धातुएं

स्वास्थ्य अलर्ट का सबसे गंभीर पहलू इन उत्पादों में भारी धातुओं की मात्रा से जुड़ा है। CDSCO के मुताबिक परीक्षण और विश्लेषण के दौरान दोनों क्रीम में भारी धातुओं का स्तर निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया।

DCGI की चेतावनी के अनुसार ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा कर सकता है। भारी धातुओं के संपर्क की मात्रा और अवधि के आधार पर शरीर पर विषाक्त प्रभाव पड़ने की आशंका हो सकती है।

कॉस्मेटिक उत्पाद त्वचा के सीधे संपर्क में आते हैं और कई उत्पादों का लंबे समय तक नियमित इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में उनमें मौजूद हानिकारक पदार्थों को लेकर निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण होता है।

गोरी ब्यूटी और चांदनी व्हाइटनिंग क्रीम पर चेतावनी

CDSCO के अलर्ट में जिन दो उत्पादों का नाम लिया गया है, उनमें ‘गोरी ब्यूटी क्रीम’ और ‘चांदनी व्हाइटनिंग क्रीम’ शामिल हैं। दोनों को स्किन व्हाइटनिंग या सौंदर्य प्रसाधन के तौर पर बाजार में बेचा जाता है।

नियामक ने इनकी पहचान आसान बनाने के लिए उत्पादों की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं, विक्रेताओं और वितरण नेटवर्क से जुड़े लोगों को इन उत्पादों के बारे में सतर्क करना है।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनधिकृत कॉस्मेटिक उत्पादों को खरीदने या इस्तेमाल करने से बचें और कॉस्मेटिक उत्पाद लेते समय उसके स्रोत तथा वैधानिक जानकारी की जांच करें।

भारत में बिक्री की अनुमति नहीं

CDSCO के मुताबिक इन दोनों उत्पादों को भारत में बिक्री के लिए आवश्यक इंपोर्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है। विदेश में बने कॉस्मेटिक उत्पादों को भारतीय बाजार में लाने और बेचने के लिए लागू नियमों तथा नियामक आवश्यकताओं का पालन करना जरूरी होता है।

आयातित उत्पादों के मामले में यह व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि उनकी गुणवत्ता, निर्माण से संबंधित जानकारी और सुरक्षा मानकों की निगरानी की जा सके।

इन दोनों क्रीम के मामले में नियामक ने स्पष्ट किया है कि सक्षम अधिकारी द्वारा भारत में बिक्री के लिए आवश्यक आयात पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है। इस वजह से इनकी वैध बिक्री और वितरण पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

दुकानदारों और वितरकों को भी किया सतर्क

पब्लिक हेल्थ अलर्ट केवल उपभोक्ताओं के लिए नहीं बल्कि कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री और वितरण से जुड़े लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजार में कई बार ऐसे विदेशी कॉस्मेटिक उत्पाद उपलब्ध हो जाते हैं, जिनके पास भारत में बिक्री के लिए आवश्यक मंजूरी नहीं होती।

ऐसे में विक्रेताओं और वितरकों के लिए उत्पाद का स्रोत और नियामकीय स्थिति जांचना जरूरी है। अनधिकृत आयातित कॉस्मेटिक की बिक्री लागू कानूनों के तहत कार्रवाई का आधार बन सकती है।

CDSCO का अलर्ट इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स के जरिए विदेशी सौंदर्य उत्पाद आसानी से ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं।

व्हाइटनिंग क्रीम खरीदते समय रहें सावधान

त्वचा को गोरा या चमकदार बनाने के दावे वाली क्रीम का बाजार बड़ा है। कई उपभोक्ता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया पेज या स्थानीय बाजार से ऐसे उत्पाद खरीदते हैं। लेकिन किसी उत्पाद की लोकप्रियता या आकर्षक पैकेजिंग उसकी सुरक्षा की गारंटी नहीं होती।

विशेषज्ञ आम तौर पर सलाह देते हैं कि त्वचा पर नियमित रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पाद विश्वसनीय स्रोत से खरीदे जाएं। पैकेजिंग पर निर्माता, आयातक, बैच नंबर, निर्माण और समाप्ति तिथि समेत आवश्यक जानकारी की जांच करना भी उपयोगी है।

यदि किसी कॉस्मेटिक के इस्तेमाल के बाद त्वचा पर तेज जलन, सूजन, लालिमा या दूसरी असामान्य प्रतिक्रिया दिखाई दे तो उसका इस्तेमाल रोककर चिकित्सकीय सलाह लेना उचित होता है।

भारी धातुओं से क्यों बढ़ती है चिंता?

भारी धातुओं की अधिक मात्रा को लेकर चिंता इसलिए होती है क्योंकि कुछ धातुएं लंबे या अत्यधिक संपर्क की स्थिति में शरीर के लिए विषाक्त हो सकती हैं। वास्तविक स्वास्थ्य प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि उत्पाद में कौन-सी धातु मौजूद है, उसकी मात्रा कितनी है और व्यक्ति कितने समय तक उसके संपर्क में रहा।

इसलिए कॉस्मेटिक उत्पादों के लिए निर्धारित सुरक्षा सीमाओं का पालन जरूरी है। CDSCO ने मौजूदा मामले में निर्धारित सीमा से अधिक भारी धातुएं मिलने की बात कही है और इसी आधार पर स्वास्थ्य जोखिम की चेतावनी जारी की है।

संदिग्ध कॉस्मेटिक से दूरी बनाने की सलाह

नियामक की चेतावनी के बाद उपभोक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे ‘गोरी ब्यूटी क्रीम’ और ‘चांदनी व्हाइटनिंग क्रीम’ नाम से चिन्हित इन अनधिकृत उत्पादों का इस्तेमाल न करें। यदि उत्पाद पहले से खरीदा गया है तो आधिकारिक स्वास्थ्य अलर्ट को ध्यान में रखते हुए इसका उपयोग बंद करना सुरक्षित विकल्प है।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर आयातित और ऑनलाइन उपलब्ध कॉस्मेटिक उत्पादों की प्रामाणिकता जांचने की जरूरत को सामने रखा है। CDSCO का कहना है कि दोनों उत्पाद भारत में बिक्री के लिए अधिकृत नहीं हैं और परीक्षण में तय सीमा से अधिक भारी धातुओं की मौजूदगी सामने आई है। ऐसे में उपभोक्ताओं को इनके स्वास्थ्य जोखिम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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