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किन्नर को शादी का सपना दिखाया सर्जरी कराई फिर छोड़कर भागा

Ratna Netam
5 Sept 2026 3:38 PM IST
किन्नर को शादी का सपना दिखाया सर्जरी कराई फिर छोड़कर भागा
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नई दिल्ली। प्यार, शादी और भरोसे के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं, लेकिन इस बार सामने आई कहानी में आरोपों की परतें कुछ अलग हैं। एक किन्नर ने आरोप लगाया कि एक युवक ने पहले उसके साथ प्रेम संबंध बनाया, शादी का भरोसा दिया और फिर उससे पैसे ऐंठ लिए। इतना ही नहीं, पीड़ित के मुताबिक शादी का वादा पूरा करने के लिए उसने शारीरिक बदलाव से जुड़ी सर्जरी भी कराई, लेकिन इसके बाद युवक ने कथित तौर पर उससे दूरी बना ली। इसी मामले में एक दूसरे व्यक्ति पर भी शादी का झांसा देकर ठगी करने का आरोप सामने आया है।
मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। आरोपों में प्रेम संबंध, शादी का वादा, आर्थिक लेन-देन और धोखे से जुड़ी कई बातें शामिल हैं। पुलिस अब शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज, बैंक लेन-देन, मोबाइल चैट और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। हालांकि जांच पूरी होने और अदालत में आरोप साबित होने तक आरोपों को आरोपी पक्ष का कथित कृत्य ही माना जाएगा।
शादी का वादा कर शुरू हुआ रिश्ता
शिकायत के मुताबिक पीड़ित किन्नर की आरोपी युवक से मुलाकात हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और कथित तौर पर प्रेम संबंध बन गया। पीड़ित का कहना है कि युवक ने उसके साथ शादी करने का वादा किया और भविष्य में साथ रहने की बात कही।
शादी के भरोसे के कारण शिकायतकर्ता ने युवक पर विश्वास किया। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर युवक ने उससे अलग-अलग समय पर पैसे लेने शुरू कर दिए।
शुरुआत में रकम छोटी हो सकती थी, लेकिन धीरे-धीरे कथित तौर पर बड़ी रकम का लेन-देन होने लगा। पीड़ित के अनुसार उसने यह पैसा इसलिए दिया क्योंकि उसे भरोसा था कि दोनों जल्द शादी करेंगे और साथ जिंदगी बिताएंगे।
सर्जरी तक कराने का आरोप
इस मामले में सबसे गंभीर और संवेदनशील आरोप शारीरिक बदलाव से जुड़ी सर्जरी को लेकर है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि युवक के साथ भविष्य बनाने और शादी के भरोसे में उसने अपने शरीर से संबंधित सर्जरी तक कराई।
ऐसी सर्जरी किसी व्यक्ति के लिए शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण फैसला होती है। इसलिए शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने यह कदम भी आरोपी के साथ भविष्य और उसके कथित वादे पर भरोसा करते हुए उठाया।
आरोप है कि इसके बाद भी युवक ने शादी नहीं की और धीरे-धीरे उससे दूरी बनाने लगा।
हालांकि सर्जरी से जुड़े इस आरोप की वास्तविक परिस्थितियों और इसमें आरोपी की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस दस्तावेज और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
पैसे देने के बाद बदला रवैया
शिकायतकर्ता के मुताबिक जब तक पैसे की जरूरत थी तब तक युवक उसके संपर्क में रहा। लेकिन जब शादी की बात आगे बढ़ाने का समय आया तो उसका व्यवहार कथित तौर पर बदल गया।
पीड़ित का आरोप है कि युवक ने शादी करने से इनकार करना शुरू कर दिया और उससे दूरी बना ली। फोन पर बातचीत कम हो गई और बाद में कथित तौर पर संपर्क भी टूट गया।
इसके बाद शिकायतकर्ता को कथित तौर पर यह एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है। उसने आरोपी से अपने पैसे वापस करने और शादी के वादे को पूरा करने की बात कही, लेकिन आरोप है कि उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
दूसरा मामला भी सामने आया
इसी घटनाक्रम के दौरान एक दूसरे व्यक्ति से जुड़ा मामला भी सामने आया है। आरोप है कि उसने भी शादी का वादा करके एक व्यक्ति को अपने विश्वास में लिया और बाद में आर्थिक रूप से ठगी की।
इस मामले में भी कथित तौर पर पहले भरोसा कायम किया गया और उसके बाद पैसों का लेन-देन हुआ। जब पीड़ित ने शादी को लेकर दबाव बनाया तो कथित तौर पर आरोपी ने दूरी बनानी शुरू कर दी।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या ये अलग-अलग मामले हैं। यदि दोनों मामलों में एक जैसा पैटर्न सामने आता है तो जांच का दायरा बढ़ सकता है।
प्यार के नाम पर आर्थिक शोषण का आरोप
ऐसे मामलों में सबसे बड़ी समस्या भरोसे का दुरुपयोग होती है। प्रेम संबंध के दौरान व्यक्ति अपने साथी पर आर्थिक और भावनात्मक भरोसा कर सकता है। अगर इसी भरोसे का इस्तेमाल पैसे लेने या किसी दूसरे लाभ के लिए किया जाता है तो विवाद गंभीर रूप ले सकता है।
इस मामले में भी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि शादी का भरोसा उसके लिए केवल भावनात्मक वादा नहीं था, बल्कि उसने इसी भरोसे के आधार पर आर्थिक फैसले भी लिए।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने वास्तव में कितनी रकम ली थी, पैसा किस उद्देश्य से लिया गया और उसका इस्तेमाल कहां किया गया।
बैंक लेन-देन से खुल सकती है पूरी कहानी
जांच में बैंकिंग रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अगर शिकायतकर्ता ने ऑनलाइन ट्रांसफर, बैंक खाते या किसी डिजिटल माध्यम से पैसे दिए हैं तो उन लेन-देन की जानकारी से रकम और तारीखों की पुष्टि हो सकती है।
इसके अलावा पुलिस मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। अगर बातचीत में शादी का वादा या पैसे मांगने से संबंधित संदेश मौजूद हैं तो वे जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हालांकि केवल किसी एक चैट या बातचीत के आधार पर पूरे मामले का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। पुलिस को सभी उपलब्ध साक्ष्यों को एक साथ देखकर आगे की कार्रवाई करनी होगी।
शादी का वादा कब अपराध बन सकता है?
किसी रिश्ते में शादी का वादा पूरा न होना अपने-आप में हर स्थिति में आपराधिक अपराध नहीं बनता। कानूनी स्थिति इस बात पर निर्भर करती है कि शुरुआत से व्यक्ति की मंशा क्या थी और क्या कथित तौर पर धोखा देकर किसी को संबंध बनाने या संपत्ति देने के लिए प्रेरित किया गया।
अगर जांच में यह सामने आता है कि किसी व्यक्ति ने शुरू से ही शादी करने की वास्तविक मंशा के बिना झूठा वादा किया और उस भरोसे के आधार पर दूसरे व्यक्ति से पैसे या अन्य लाभ हासिल किए, तो मामला अलग कानूनी धाराओं के तहत जांच का विषय बन सकता है।
इसी वजह से पुलिस के लिए आरोपी की शुरुआती मंशा और पूरे घटनाक्रम के साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
किन्नर समुदाय से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता जरूरी
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि शिकायतकर्ता किन्नर समुदाय से संबंधित है। ऐसे मामलों में पुलिस और समाज दोनों के स्तर पर संवेदनशीलता जरूरी होती है।
ट्रांसजेंडर और किन्नर समुदाय के लोगों को भी अन्य नागरिकों की तरह कानून के तहत सुरक्षा और न्याय पाने का अधिकार है। किसी व्यक्ति की लैंगिक पहचान उसके साथ हुए कथित अपराध की गंभीरता को कम नहीं करती।
पुलिस को शिकायत की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर करनी होती है। इसी तरह समाज के लिए भी जरूरी है कि पीड़ित की पहचान को लेकर उपहास या भेदभाव करने के बजाय मामले को कानूनी नजरिए से देखा जाए।
सर्जरी के बाद धोखे का आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने अपने जीवन को आरोपी के साथ जोड़ने के भरोसे में बड़ा व्यक्तिगत फैसला लिया। सर्जरी कराने के बाद जब कथित तौर पर युवक ने शादी से दूरी बनाई तो उसे मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
सर्जरी से जुड़े दस्तावेज भी इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सर्जरी के फैसले की पूरी परिस्थितियों और आरोपी द्वारा कथित तौर पर दिए गए भरोसे के बीच कानूनी संबंध जांच के बाद ही निर्धारित किया जा सकता है।
पुलिस के सामने कई सवाल
जांच के दौरान पुलिस के सामने कई सवाल होंगे। आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच संबंध कब शुरू हुआ? शादी का वादा कब और किन परिस्थितियों में किया गया? पैसे कब और कितने दिए गए? क्या पैसे मांगने के पीछे कोई विशेष कारण बताया गया? क्या आरोपी ने शादी का वादा करते समय कोई दस्तावेज या अन्य आश्वासन दिया था?
इसके अलावा यह भी पता लगाना होगा कि आरोपी की शुरुआत से शादी करने की मंशा थी या नहीं। अगर कोई दूसरा आरोपी भी इसी तरह के मामले में शामिल है तो उसके साथ शिकायतकर्ता का संबंध और लेन-देन भी जांच का हिस्सा होगा।
डिजिटल सबूत बन सकते हैं अहम
आज के समय में प्रेम संबंधों से जुड़े मामलों में मोबाइल फोन और डिजिटल भुगतान के रिकॉर्ड जांच के महत्वपूर्ण हिस्से बन गए हैं। व्हाट्सऐप चैट, सोशल मीडिया बातचीत, कॉल डिटेल, ऑनलाइन ट्रांसफर और बैंक स्टेटमेंट जैसी चीजें घटनाक्रम को समझने में मदद कर सकती हैं।
अगर शिकायतकर्ता के पास आरोपी के साथ हुई बातचीत सुरक्षित है तो जांच एजेंसी उसे भी साक्ष्य के रूप में देख सकती है। वहीं आरोपी का पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा और पुलिस उसके बयान तथा उपलब्ध रिकॉर्ड को शिकायतकर्ता के आरोपों से मिलाएगी।
आरोपी का पक्ष सामने आना बाकी
किसी भी आपराधिक मामले में शिकायत के आधार पर लगाए गए आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। आरोपी को अपना पक्ष रखने और कानूनी प्रक्रिया के तहत बचाव का पूरा अधिकार है।
इस मामले में भी पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और किन धाराओं के तहत कार्रवाई बनती है। यदि पुलिस को पर्याप्त सबूत मिलते हैं तो आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
भरोसे के नाम पर ठगी से बचने की जरूरत
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि प्रेम संबंधों में आर्थिक लेन-देन करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। शादी का वादा होने के बावजूद बड़ी रकम देने से पहले उसके उद्देश्य और लेन-देन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहिए।
किसी भी व्यक्ति को यदि बार-बार पैसे देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है या शादी का भरोसा देकर आर्थिक मदद मांगी जा रही है तो परिवार के भरोसेमंद लोगों से बात करना और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखना मददगार हो सकता है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। एक तरफ शिकायतकर्ता ने प्यार, शादी के वादे, सर्जरी और आर्थिक ठगी से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरे मामले में भी शादी के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप सामने आया है। अब जांच में सामने आने वाले डिजिटल, वित्तीय और अन्य सबूत तय करेंगे कि इन आरोपों के पीछे वास्तविक कहानी क्या है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किस आधार पर आगे बढ़ती है।
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