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Gurugram: महंगे इलाकों में प्रॉपर्टी खरीदने वालों पर आयकर विभाग की कड़ी निगरानी

गुरुग्राम: हरियाणा की सबसे बड़ी वजीराबाद तहसील में प्रॉपर्टी की करोड़ों की खरीद-फरोख्त करने वाले आयकर विभाग के निशाने पर हैं। आयकर विभाग की इटेंलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन की टीम ने शुक्रवार को तहसील में 13 घंटे तक सर्वे किया।
इस दौरान वह अपने साथ छह साल का रिकॉर्ड ले गई है। जांच के दौरान इस बात का खुलासा है कि जिला प्रशासन की ओर से सही जानकारी आयकर विभाग को नहीं भेजी जा रही थी। जिसके कारण आयकर विभाग को नुकसान पहुंच रहा है। सेक्टर 17-18 थाने की पुलिस बल के साथ 12 सदस्यीय आयकर विभाग की इटेंलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन टीम के लोग वजीराबाद तहसील पहुंचे। जहां पर रजिस्ट्रार गुलाब सिंह पन्नू की ओर से बीते छह साल का रिकॉर्ड तलब किया गया है। यह प्रदेश की सबसे बड़ी तहसील है। यहां पर हर साल 25 से 30 हजार करोड़ रुपये की रजिस्ट्री की जाती है। रजिस्ट्री के दौरान उनके पैन नंबर ठीक से नहीं भरे जाते हैं।
आयकर विभाग को नहीं मिलती थी सही जानकारी: तहसील में होने वाली रजिस्ट्री की जानकारी के नाम पर खानापूर्ति की जाती थी। जिनकी जानकारी भेजी भी जाती थी। उनका पैन नंबर तक नहीं उपलब्ध होता था। आयकर विभाग की इटेंलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन चंडीगढ़ के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। इसी तहसील में एक बिल्डर की ओर से एक फार्म हाउस को 200 करोड़ की रजिस्ट्री करने का मामला सामने आया था। आयकर विभाग के अधिकारियों की मानें तो दिल्ली एनसीआर के क्षेत्र में बिल्डरों की ओर से काले धन की भी खपत की जाती है। ऐसे में बिल्डरों के रिकार्ड, सर्कल रेट, मौके पर स्टांप चोरी, तहसील के लोगों की मिलीभगत, सूचना देने में लापरवाही व अन्य सवालों को जांच में रखा गया है। फरीदाबाद, पलवल व गुरुग्राम की अन्य तहसीलें भी आयकर विभाग के निशाने पर हैं।





