- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- Gulmarg बनेगा शीतकालीन...
दिल्ली-एनसीआर
Gulmarg बनेगा शीतकालीन खेलों का वैश्विक केंद्र: डॉ. मनसुख मांडविया
SHIDDHANT
26 Feb 2026 9:56 PM IST

x
Delhi दिल्ली। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने जम्मू और कश्मीर के गुलमर्ग में आयोजित छठे खेलो इंडिया शीतकालीन खेल के दूसरे चरण के समापन समारोह को संबोधित किया। इस दौरान खेल मंत्री ने भविष्य में गुलमर्ग को एक प्रमुख वैश्विक शीतकालीन खेल केंद्र में परिवर्तित करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। केंद्रीय मंत्री ने कहा, "कश्मीर की भूमि में अपार संभावनाएं हैं और आने वाले समय में गुलमर्ग शीतकालीन खेलों का वैश्विक केंद्र बनेगा।
डॉ. मांडविया ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि गुलमर्ग में होने वाले भविष्य में होने वाले शीतकालीन खेलों के संस्करणों में खेलों को पर्यटन एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ मिलाकर 15 दिवसीय एकीकृत खेल आयोजन के रूप में विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा, "अब शीतकालीन खेल केवल चार दिनों तक सीमित नहीं रहेंगे। पर्यटन को एकीकृत करके, हम 15 दिनों की अवधि वाले शीतकालीन खेलों का आयोजन करेंगे जिसमें फिट इंडिया कार्निवल, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं कई प्रतियोगिताएं शामिल होंगी।"
छठे खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों के दूसरे चरण में, 25 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 900 से ज्यादा एथलीटों ने हिस्सा लिया और पूरे देश के युवा एक साथ आए।
डॉ. मांडविया ने कहा है कि खेल में समाज को एकजुट करने, खेल भावना को पोषित करने, सद्भाव को बढ़ावा देने एवं समग्र विकास को गति देने की परिवर्तनकारी शक्ति है। जम्मू और कश्मीर में खेलो इंडिया केंद्रों में खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों के साथ अपनी बातचीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने इस क्षेत्र में उभर रही उल्लेखनीय खेल भावना एवं उत्कृष्टता की बढ़ती संस्कृति की सराहना की।
डॉ. मनसुख मांडविया ने खेलों की परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कभी 'पत्थरबाजी' से संबद्ध यह क्षेत्र अब 'स्कीइंग' के लिए पहचाना जाता है। उन्होंने आगे कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद, केंद्र शासित प्रदेश में खेल एक जोश बन गया है, जो कि प्रगति एवं विकास की दिशा में निरंतर यात्रा को दर्शाता है।
केंद्रीय खेल मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण की रूपरेखा भी प्रस्तुत की, जिसमें खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती प्रदान करने पर बल दिया गया है क्योंकि भारत की आकांक्षा 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की है और देश का लक्ष्य स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 2047 तक शीर्ष पांच खेल राष्ट्रों में अपना स्थान बनाना है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया पहल ने खेलो इंडिया स्कूल गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, यूथ गेम्स, विंटर गेम्स, वाटर स्पोर्ट्स, ट्राइबल गेम्स, नॉर्थ ईस्ट गेम्स और बीच गेम्स के माध्यम से पूरे देश में खेल के अवसरों का बहुत विस्तार किया है, जिससे पूरे वर्ष खिलाड़ियों की निरंतर भागीदारी सुनिश्चित होती है।
केंद्रीय मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि शीतकालीन खेलों की अवसंरचना एवं प्रशिक्षण प्रणालियों को ज्यादा मजबूत करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश में एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने हाल ही में घोषित खेलो भारत नीति पर भी प्रकाश डालते हुए उसे पूरे देश के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक खिलाड़ी-केंद्रित नीति बताया।
Tagsमनसुख मांडवियाकेंद्रीय खेल मंत्रीखेलो इंडियाशीतकालीन खेलगुलमर्गजम्मू-कश्मीरराष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रखेल अवसंरचना15-दिवसीय एकीकृत खेल आयोजनफिट इंडिया कार्निवलयुवा खेलभारत 2047 खेल लक्ष्यजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





