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Oman की खाड़ी हादसा: भारत का विरोध, जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से की बातचीत

Kavita2
14 Jun 2026 11:23 AM IST
Oman की खाड़ी हादसा: भारत का विरोध, जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से की बातचीत
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New Delhi नई दिल्ली : ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान भारतीय नाविकों की मौत के मामले पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। इस घटना को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत की और भारत की गंभीर चिंता और नाराजगी को स्पष्ट रूप से सामने रखा।

इस बातचीत में भारत ने यह साफ संदेश दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में किसी भी सैन्य कार्रवाई के दौरान अंतरराष्ट्रीय नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। भारत ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कमर्शियल जहाजों पर किसी भी प्रकार की घातक कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है।

जानकारी के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में चल रहे एक कमर्शियल जहाज पर अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इस घटना को भारत ने अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि निर्दोष नागरिकों और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े जहाजों पर इस तरह की कार्रवाई गंभीर सवाल खड़े करती है।

यूरोप दौरे पर मौजूद जयशंकर ने इस मुद्दे को लेकर अमेरिका के साथ कूटनीतिक स्तर पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही या अस्वीकार्य कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगा।

सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से सीधे बातचीत की और भारतीय नाविकों की मौत के मामले में भारत की आपत्ति को स्पष्ट रूप से रखा। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि कमर्शियल मकसद से चल रहे जहाजों के खिलाफ घातक बल का प्रयोग किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत ऐसी सभी घटनाओं पर गंभीरता से विचार कर रहा है, जिनसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और स्थिरता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक व्यापार और समुद्री यातायात की सुरक्षा सभी देशों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

भारत ने इस घटना को लेकर अमेरिकी पक्ष से विस्तृत जांच और स्पष्ट जवाब की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही भारत ने यह भी संकेत दिया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के पालन के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाएगा।

कुल मिलाकर, इस घटना ने भारत और अमेरिका के बीच समुद्री सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई के मानकों को लेकर एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संवाद को जन्म दिया है, जो आने वाले दिनों में और भी चर्चा का विषय बन सकता है।

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