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WhatsApp के यूज़रनेम फीचर पर सरकार सख्त, नोटिस का जवाब मेटा ने सौंपा; जांच जारी

Kavita2
10 July 2026 10:09 AM IST
WhatsApp के यूज़रनेम फीचर पर सरकार सख्त, नोटिस का जवाब मेटा ने सौंपा; जांच जारी
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New Delhi नई दिल्ली : व्हाट्सऐप (WhatsApp) के प्रस्तावित ‘यूज़रनेम’ फीचर को लेकर केंद्र सरकार और मेटा (Meta) के बीच चल रहा संवाद तेज हो गया है। सरकार द्वारा जारी नोटिस के जवाब में मेटा ने अपना आधिकारिक पक्ष प्रस्तुत कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी का जवाब संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों द्वारा जांच के दायरे में है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई या निर्णय लिया जाएगा।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब डिजिटल धोखाधड़ी, फिशिंग, फर्जी पहचान और तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराधों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सरकार का मानना है कि यदि आवश्यक सुरक्षा उपायों के बिना नया फीचर लागू किया गया, तो साइबर अपराधियों के लिए लोगों को निशाना बनाना और आसान हो सकता है।

सरकार ने भेजा था नोटिस

केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह मेटा को एक औपचारिक नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में व्हाट्सऐप के प्रस्तावित यूज़रनेम फीचर को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए थे। सरकार ने विशेष रूप से इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि यदि उपयोगकर्ताओं को केवल यूज़रनेम के माध्यम से संपर्क करने की सुविधा दी जाती है, तो इससे फर्जी पहचान बनाकर लोगों को धोखा देने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

सरकार ने नोटिस में कहा था कि इस फीचर के कारण ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग अटैक, डिजिटल-अरेस्ट स्कैम, प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) और नकली प्रोफाइल के जरिए साइबर अपराध बढ़ने की आशंका है। इसलिए फीचर लागू करने से पहले उसके सुरक्षा पहलुओं की विस्तृत समीक्षा आवश्यक है।

मेटा ने दिया जवाब

सूत्रों के मुताबिक, मेटा ने सरकार के नोटिस का जवाब सौंप दिया है। कंपनी ने अपने जवाब में प्रस्तावित फीचर के संचालन, सुरक्षा उपायों और उपयोगकर्ता संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी है। हालांकि, जवाब की विस्तृत सामग्री सार्वजनिक नहीं की गई है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि संबंधित अधिकारी कंपनी के जवाब का अध्ययन कर रहे हैं। यदि आवश्यक हुआ तो मेटा से अतिरिक्त जानकारी या स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नए फीचर से उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और डिजिटल विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

क्या है WhatsApp का यूज़रनेम फीचर?

व्हाट्सऐप का प्रस्तावित यूज़रनेम फीचर उपयोगकर्ताओं को अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना दूसरे लोगों से जुड़ने और बातचीत करने की सुविधा देने के लिए तैयार किया जा रहा है। मौजूदा व्यवस्था में किसी व्यक्ति से व्हाट्सऐप पर संपर्क करने के लिए उसका मोबाइल नंबर होना आवश्यक होता है।

नए फीचर के तहत उपयोगकर्ता एक विशिष्ट यूज़रनेम चुन सकेंगे और उसी के माध्यम से अन्य लोग उनसे संपर्क कर पाएंगे। यह सुविधा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की तरह पहचान साझा करने का एक वैकल्पिक तरीका प्रदान करेगी और मोबाइल नंबर की गोपनीयता बनाए रखने में मदद कर सकती है।

सरकार की प्रमुख चिंता

हालांकि यह फीचर गोपनीयता की दृष्टि से उपयोगी माना जा रहा है, लेकिन सरकार का कहना है कि यदि इसकी सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त मजबूत नहीं हुई, तो साइबर अपराधी फर्जी यूज़रनेम बनाकर लोगों को आसानी से धोखा दे सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में फर्जी बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सरकारी एजेंसी या रिश्तेदार बनकर लोगों से ठगी करने के मामले तेजी से बढ़े हैं। यदि पहचान सत्यापन की मजबूत व्यवस्था नहीं होगी, तो ऐसे मामलों में वृद्धि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

लॉन्च पर फिलहाल रोक

सरकार ने अपने नोटिस में मेटा को स्पष्ट निर्देश दिया था कि जब तक इस विषय पर सरकार के साथ आवश्यक परामर्श और संतोषजनक चर्चा पूरी नहीं हो जाती, तब तक कंपनी इस फीचर को लॉन्च न करे।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फीचर लागू होने से पहले सभी संभावित सुरक्षा जोखिमों का आकलन कर लिया जाए और उपयोगकर्ताओं के हितों की पर्याप्त सुरक्षा हो।

साइबर सुरक्षा पर बढ़ता फोकस

हाल के वर्षों में भारत में डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं का दायरा तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही साइबर अपराधों के मामलों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र विकसित करने पर जोर दे रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नए डिजिटल फीचर्स उपयोगकर्ताओं को सुविधा तो देते हैं, लेकिन उनके साथ मजबूत सुरक्षा मानक, पहचान सत्यापन और शिकायत निवारण तंत्र भी आवश्यक होता है।

आगे क्या होगा?

अब मेटा द्वारा दिए गए जवाब की समीक्षा के बाद सरकार आगे का निर्णय लेगी। यदि सरकार को सुरक्षा उपाय पर्याप्त लगते हैं, तो आवश्यक शर्तों के साथ फीचर को अनुमति दी जा सकती है। वहीं यदि कुछ पहलुओं पर चिंता बनी रहती है, तो कंपनी से अतिरिक्त बदलाव या सुरक्षा प्रावधान लागू करने को कहा जा सकता है।

फिलहाल WhatsApp का यूज़रनेम फीचर भारत में लॉन्च नहीं किया गया है। सरकार और मेटा के बीच इस विषय पर बातचीत जारी है और अंतिम निर्णय सुरक्षा, गोपनीयता तथा उपयोगकर्ता हितों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।

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