दिल्ली-एनसीआर

ज्ञानेश कुमार के पुराने मामले पर गोदियाल ने उठाए सवाल

Ratna Netam
4 Oct 2026 8:24 PM IST
ज्ञानेश कुमार के पुराने मामले पर गोदियाल ने उठाए सवाल
x
नई दिल्ली। कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से जुड़े वर्ष 2006 के एक पुराने मामले को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति विशेष छूट का हकदार नहीं है और यदि किसी मामले में कानून का उल्लंघन हुआ है तो तय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। गोदियाल ने यह टिप्पणी ज्ञानेश कुमार के एक पुराने कार्यकाल से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में विजिलेंस जांच के आदेश का जिक्र करते हुए की।
गोदियाल ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि कोई मामला पुराना है या नया, इससे कानून के पालन की आवश्यकता समाप्त नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि अगर किसी स्तर पर कानून का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित संस्थाओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि, उन्होंने किसी आरोप को साबित तथ्य के रूप में पेश करने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के पालन पर जोर दिया।
यह मामला वर्ष 2006 से जुड़ा बताया जा रहा है। उस समय ज्ञानेश कुमार केरल के लोक निर्माण विभाग (PWD) में सचिव के पद पर कार्यरत थे। उनके उस कार्यकाल के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) से जांच कराने के आदेश दिए गए थे। इस पुराने प्रकरण का उल्लेख करते हुए गोदियाल ने कहा कि कानून की नजर में सभी समान हैं।
गोदियाल ने कहा कि किसी अधिकारी का वर्तमान पद या जिम्मेदारी कानून की प्रक्रिया से ऊपर नहीं हो सकती। उनके मुताबिक, यदि किसी मामले में जांच की आवश्यकता सामने आती है तो संबंधित संस्थाओं को कानून और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अपना काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 का मामला होने के कारण इसे केवल पुराना बताकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी शिकायत या आरोप में कानूनी आधार है तो उसकी जांच तय व्यवस्था के अनुसार होनी चाहिए। साथ ही किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे संवैधानिक पद से जुड़े व्यक्ति को लेकर उठने वाले किसी भी सवाल पर राजनीतिक प्रतिक्रिया स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बनती है। चुनाव आयोग देश में चुनाव प्रक्रिया के संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है। ऐसे में आयोग के शीर्ष पद पर बैठे अधिकारी से संबंधित किसी पुराने मामले का राजनीतिक चर्चा में आना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गोदियाल की टिप्पणी का मुख्य केंद्र कानून के समक्ष समानता रहा। उन्होंने कहा कि कानून का पालन सभी के लिए जरूरी है। उनका कहना था कि चाहे मामला करीब दो दशक पुराना क्यों न हो, यदि उसमें कानून के उल्लंघन से जुड़ा कोई प्रश्न सामने आता है तो उसके लिए निर्धारित कानूनी रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
वर्ष 2006 से जुड़े जिस मामले का जिक्र किया गया है, उसमें कथित अनियमितताओं की बात कही गई है। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि कथित अनियमितता और दोष साबित होना अलग-अलग बातें हैं। किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष का निर्धारण जांच, उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाता है।
गोदियाल ने इसी संदर्भ में कहा कि जांच एजेंसियों और कानूनी संस्थाओं को अपना काम करने देना चाहिए। यदि कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है तो वह भी प्रक्रिया में स्पष्ट हो सकता है, जबकि उल्लंघन सामने आने पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मामले में कांग्रेस नेता की प्रतिक्रिया ऐसे समय सामने आई है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक स्तर पर अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। गोदियाल ने अपनी टिप्पणी में पुराने विजिलेंस जांच आदेश का उल्लेख करते हुए जवाबदेही का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारियों के मामले में भी कानून की प्रक्रिया समान रूप से लागू होनी चाहिए।
गोदियाल ने यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की कि उनकी मांग किसी व्यक्ति के खिलाफ पहले से निष्कर्ष निकालने की नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की है। उनके बयान के मुताबिक, यदि किसी मामले में जांच या कानूनी कार्रवाई का आधार बनता है तो उसे प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार से जुड़े वर्ष 2006 के मामले का राजनीतिक संदर्भ में दोबारा उल्लेख होने से यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि किसी पुराने जांच आदेश का उल्लेख अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं करता। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित जांच रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रिया से ही निर्धारित होगी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कानून की समानता लोकतांत्रिक व्यवस्था का बुनियादी सिद्धांत है। किसी व्यक्ति का पद कितना भी महत्वपूर्ण क्यों न हो, कानून का उल्लंघन सामने आने की स्थिति में तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
फिलहाल गणेश गोदियाल के बयान के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े इस पुराने मामले को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो सकती है। गोदियाल ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि मामला चाहे 2006 का हो या वर्तमान समय का, कानून के उल्लंघन की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
इस पूरे मामले में आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि पुराने प्रकरण से संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड में क्या तथ्य मौजूद हैं और सक्षम संस्थाएं इस पर क्या रुख अपनाती हैं। तब तक कथित अनियमितताओं को आरोप के रूप में ही देखा जाना जरूरी है और किसी भी निष्कर्ष के लिए विधिक प्रक्रिया को आधार बनाया जाना चाहिए।
Next Story