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Ghaziabad: जीडीए बोर्ड बैठक में विकास योजनाओं पर चर्चा होगी

Admindelhi1
19 May 2025 4:20 PM IST
Ghaziabad: जीडीए बोर्ड बैठक में विकास योजनाओं पर चर्चा होगी
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शहर के विकास पर होगी चर्चा

गाजियाबाद: जीडीए की 169वीं बोर्ड बैठक मंगलवार को मेरठ में होगी। बैठक में शहर के विकास पर मंथन किया जाएगा। बैठक में जीडीए की ओर से पिछली बोर्ड बैठक की कार्यवृत्ति के अनुपालन समेत 23 प्रस्ताव रखा जाएगा। प्रमुख प्रस्तावों महायोजना 2031 की मंजूरी, मधुबन-बापूधाम योजना के लेआउट में परिवर्तन, हरनंदीपुरम योजना के लिए तय किए गए जमीन के रेट के अनुमोदन हैं। करीब चार साल पहले महायोजना 2031 के लिए कार्ययोजना शुरू हुई थी। पिछली बोर्ड बैठक में महायोजना के प्रस्ताव के ड्राफ्टिंग में शाब्दिक त्रुटियों की वजह से वापस कर दिया गया था। बोर्ड अध्यक्ष की ओर से संशोधन और आपत्ति सुझाव मांगकर निस्तारण कर पेश करने के लिए कहा गया था। करीब 65 आपत्तियां और सुझाव आए, जिन्हें निस्तारित कर संशोधित प्रस्ताव बोर्ड बैठक में ले जाया जा रहा है।

पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में शहरी विकास एवं नियोजन विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर महायोजना 2031 को मई के अंतिम सप्ताह तक मंजूरी देने के लिए कहा था। इसी क्रम में जीडीए ने भी महायोजना 2031 का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास कराने के लिए ले जाया जा रहा है। माना जा रहा है कि महायोजना 2031 के बोर्ड से पास होने पर शहर का तेजी से विकास हो सकेगा।

क्रासिंग रिपब्लिक इंटीग्रेटेड टाउनशिप में ग्रुप हाउसिंग भूखंड संख्या जीएच 12 के कुल क्षेत्रफल 27244.08 वर्ग मीटर भूमि में से 802.00 वर्ग मीटर को छोड़ते हुए ग्रुप हाउसिंग भूखंड पर ग्रुप हाउसिंग के स्थान पर भूखंड विकसित करने के लिए तलपट मानचित्र में परिवर्तन का प्रस्ताव, हाइटेक टाउनशिप योजनाओं की प्रगति का प्रस्ताव, गाजियाबाद जोनल डेवलपमेंट प्लान जोन एक यानि राजनगर एक्सटेंशन के आसपास 18, 24, 30, 45 और 60 मीटर चौड़े जोनल सड़क निर्माण का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में ले जाया जा रहा है।

जीडीए वीसी अतुल वत्स ने बताया कि करीब 24 साल पहले मधुबन बापूधाम योजना लांच की गई थी। इस योजना का टोटल स्टेशन सर्वे कराया गया था। योजना में कुछ क्षेत्रों में नियोजन में कमियां पाई गईं। इस योजना के लेआउट में परिवर्तन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। परिवर्तन के प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद यहां नए सिरे से पॉकेटवार नियोजन किया जाएगा।

हरनंदीपुरम योजना के किसानों को 10 फीसदी तक विकसित भूखंड देने का प्रस्ताव: हरनंदीपुरम आवासीय योजना पहले चरण में पांच गांवों की जमीन लाई जा रही है। इस योजना में जमीन देने वाले काश्तकारों को सर्किल रेट की चार गुना राशि देने का निर्णय किया गया है। इसके बाद किसानों ने विकसित भूखंड देने की मांग की। जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह का कहना है कि 10 फीसदी तक विकसित भूखंड देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, इसे बोर्ड बैठक में ले जाया जा रहा है। वहीं, जमीन क्रय करने पर आने वाली लागत करीब 23 सौ करोड़ रुपये के व्यय के प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए ले जाया जा रहा है। अनुमोदन के बाद किसानों से जमीन खरीदने का काम शुरू हो जाएगा।

ये प्रस्ताव भी हैं शामिल:

- प्राधिकरण में पहल यानि पब्लिक एक्सेस फॉर हाउसिंग एंड प्रॉपर्टी अलॉटमेंट लॉग-इन लागू करने का प्रस्ताव

-पीमएम आवास योजना शहरी के तहत प्रताप विहार योजना और नूरनगर, राजनगर विस्तार में निर्मित 1200 ईब्ल्यूएस भवन के निर्माण एवं विकास कार्य की पूर्व स्वीकृत लागत में वृद्धि की स्वीकृति का प्रस्ताव

- जोनल प्लान के तहत जिन सड़कों के लिए जमीन क्रय करने की कार्रवाई शुरू हो गई है उन सड़कों पर मानचित्र स्वीकृति का प्रस्ताव

- मंडोला, लोनी में 29,660 हेक्टेयर कृषि भूमि को मध्यम उद्योग के लिए भू-उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव

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