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वंदे मातरम् कार्यक्रम में बाधा का आरोप जांच के घेरे में गांधी परिवार
nidhi
18 Aug 2026 6:32 AM IST

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वंदे मातरम् विवाद में फंसे सोनिया राहुल जांच शुरू
नई दिल्ली: कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और कानूनी जांच तक पहुंच गया है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दिए जाने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि 15 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के गायन के दौरान कथित रूप से बाधा डालने की कोशिश की गई।
जानकारी के अनुसार, यह विवाद 15 अगस्त को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान सामने आया। कार्यक्रम में ध्वजारोहण के बाद ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जा रहा था। इसी दौरान सामने आए वीडियो और घटनाक्रम को लेकर आरोप लगाए गए कि कुछ नेताओं की ओर से गायन को रोकने या सीमित करने का संकेत दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए जांच की मांग की है।
शिकायत में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नाम शामिल किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए और वीडियो फुटेज, मौजूद लोगों के बयान तथा अन्य सबूतों के आधार पर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। दिल्ली पुलिस फिलहाल शिकायत की जांच कर रही है।
इस विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए इसे राष्ट्रगीत के अपमान से जोड़ा है। वहीं कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है और कहा गया है कि पार्टी देश के राष्ट्रीय प्रतीकों और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों का पूरा सम्मान करती है। मामले में कुछ अन्य स्थानों पर भी शिकायतें सामने आई हैं। भाजपा नेताओं की ओर से अलग-अलग राज्यों में पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि अभी पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
‘वंदे मातरम्’ भारत का राष्ट्रीय गीत है और इससे जुड़ी भावनाएं लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण रही हैं। यही वजह है कि इस मामले ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि इस विवाद में आगे कोई कानूनी कार्रवाई होगी या मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहेगा।
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