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नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार ने पुलिस, फायर सर्विस, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और सुधार सेवाओं से जुड़े 1057 कर्मचारियों को सम्मानित किया है। इनमें 301 कर्मियों को वीरता पदक प्रदान किए गए हैं। सरकार ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए कुल सम्मान में पुलिस और फायर सर्विस के बहादुर कर्मचारियों को उनकी असाधारण सेवाओं और साहस के लिए वीरता पदक दिए गए हैं। इन पदकों के जरिए उन कर्मचारियों के योगदान को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में देश और नागरिकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सरकार के मुताबिक, 301 वीरता पदकों में से 197 पदक उन पुलिसकर्मियों को दिए गए हैं, जिन्होंने वामपंथी उग्रवाद यानी लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म (LWE) से प्रभावित क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं। इन क्षेत्रों में काम करना सुरक्षा बलों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि उन्हें लगातार खतरों के बीच अभियान चलाने पड़ते हैं।
वामपंथी उग्रवाद प्रभावित इलाकों में तैनात जवानों को जंगलों, दुर्गम क्षेत्रों और कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। कई बार उन्हें नक्सली गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाने, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और स्थानीय लोगों की रक्षा करने जैसी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं।
केंद्र सरकार ने कहा कि इन जवानों का साहस और समर्पण देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान देता है। वीरता पदक उनके अदम्य साहस और कर्तव्य के प्रति निष्ठा की पहचान हैं।
इस बार सम्मानित होने वालों में केवल पुलिस कर्मी ही नहीं बल्कि फायर सर्विस, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और सुधार सेवाओं के कर्मचारी भी शामिल हैं। सरकार ने कुल 1057 कर्मचारियों को विभिन्न श्रेणियों के पदकों से सम्मानित किया है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए जाने वाले पुलिस पदक हर साल उन कर्मचारियों को प्रदान किए जाते हैं, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो। इनमें वीरता, विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा के लिए दिए जाने वाले पदक शामिल होते हैं।
वीरता पदक पाने वाले जवानों ने कई बार अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की रक्षा की है। आतंकवाद विरोधी अभियानों, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्रवाई, आपदा प्रबंधन और अन्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनके योगदान को देखते हुए यह सम्मान दिया जाता है।
केंद्र सरकार ने कहा कि देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे सम्मान कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य में भी बेहतर सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
फायर सर्विस कर्मियों को भी उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया है। आग जैसी आपात परिस्थितियों में ये कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाने का काम करते हैं। कई बार वे जोखिम भरे हालात में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालते हैं।
होम गार्ड और सिविल डिफेंस कर्मी भी आपदा और आपात स्थितियों में प्रशासन की सहायता करते हैं। उनकी सेवाएं कानून व्यवस्था से लेकर राहत और बचाव कार्यों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सुधार सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। जेल प्रशासन और सुधार व्यवस्था में काम करने वाले कर्मचारी भी समाज और सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा होते हैं।
सरकार की ओर से जारी आंकड़े यह दर्शाते हैं कि इस वर्ष भी देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात सुरक्षा कर्मियों के योगदान को प्राथमिकता दी गई है। खासतौर पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले जवानों के साहस को विशेष रूप से मान्यता मिली है।
स्वतंत्रता दिवस पर मिलने वाला यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे विभाग और देश के लिए गर्व का विषय माना जाता है। इससे सुरक्षा बलों में जिम्मेदारी और सेवा भावना को और मजबूती मिलती है।
केंद्र सरकार ने कहा कि देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले सभी कर्मचारियों का सम्मान करना राष्ट्र की जिम्मेदारी है। वीरता पदक पाने वाले जवानों और कर्मचारियों की कहानियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।





