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त्योहारों से पहले मिठाई और दूध उत्पादों की बढ़ेगी जांच, FSSAI का निर्देश
Ratna Netam
5 Oct 2026 9:23 PM IST

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नई दिल्ली। नवरात्रि और दिवाली के दौरान खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मिलावटी, नकली और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों में निगरानी, जांच और खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग बढ़ाने को कहा है।FSSAI की ओर से 29 सितंबर को जारी निर्देश में कहा गया है कि त्योहारों के दौरान मिठाइयों, नमकीन, पेय पदार्थों, खाद्य तेल, दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। ऐसे समय में मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थ बाजार में पहुंचने का जोखिम भी बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निगरानी और प्रवर्तन गतिविधियां तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
FSSAI ने विशेष रूप से दूध और दूध से बने उत्पादों पर नजर रखने को कहा है। इनमें घी, खोया और पनीर जैसे उत्पाद शामिल हैं। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण इन उत्पादों की खपत भी बढ़ जाती है। ऐसे में अधिकारियों को बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री की जांच और आवश्यकतानुसार सैंपलिंग करने के लिए कहा गया है।निर्देश में कहा गया है कि FSSAI मिलावटी, नकली और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और सख्ती की जरूरत पर जोर देता है। इसमें दूध और दूध से बनी वस्तुओं के अलावा मिठाइयां, स्नैक्स, नमकीन, पापड़ या फ्रायम, खाद्य तेल, पेय पदार्थ और घी जैसी चीजों को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
इसके साथ ही FSSAI ने अधिकारियों को स्थानीय खान-पान की आदतों को ध्यान में रखते हुए निगरानी करने की सलाह दी है। अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में त्योहारों के दौरान अलग तरह के खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ सकती है। ऐसे में जांच केवल कुछ तय उत्पादों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय स्तर पर ज्यादा इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को भी निगरानी के दायरे में लाने को कहा गया है।उदाहरण के तौर पर उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में नवरात्रि के दौरान कुट्टू का आटा और सिंघाड़े का आटा बड़ी मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है। व्रत के दौरान इन उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण इन्हें भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जांच और सैंपलिंग में शामिल किया जा सकता है।FSSAI का यह निर्देश ऐसे समय आया है जब नवरात्रि और दिवाली के दौरान बाजारों में खाद्य पदार्थों की खरीदारी बढ़ जाती है। मिठाइयों की दुकानों से लेकर डेयरी उत्पादों, नमकीन और खाद्य तेल तक की बिक्री में तेजी देखने को मिलती है। ज्यादा मांग के बीच खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को पहले से सतर्क रहने को कहा गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे बाजारों में नियमित निगरानी बढ़ाएं और जरूरत के मुताबिक खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाला भोजन निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो।त्योहारी सीजन में मिठाइयों की बिक्री सबसे ज्यादा बढ़ने वाली श्रेणियों में शामिल होती है। कई मिठाइयों में दूध, खोया, घी और पनीर जैसे उत्पादों का इस्तेमाल होता है। इसलिए इन सामग्रियों की गुणवत्ता पर निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। FSSAI ने इन्हीं उत्पादों को अपनी प्राथमिक निगरानी सूची में रखा है।इसी तरह खाने के तेल की गुणवत्ता पर भी नजर रखने को कहा गया है। त्योहारों के दौरान नमकीन, स्नैक्स और दूसरी तली हुई चीजों की मांग बढ़ने से खाद्य तेल की खपत भी बढ़ जाती है। अधिकारियों को ऐसी वस्तुओं की जांच करने और असुरक्षित उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
पेय पदार्थों को भी निगरानी के दायरे में शामिल किया गया है। FSSAI का जोर इस बात पर है कि त्योहारों में ज्यादा मांग वाले सभी प्रमुख खाद्य उत्पादों पर नजर रखी जाए, ताकि नकली या असुरक्षित सामान बाजार में न बिक सके।नवरात्रि के दौरान व्रत में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की अलग मांग रहती है। कुट्टू और सिंघाड़े के आटे जैसे उत्पाद सामान्य दिनों की तुलना में इस अवधि में अधिक खरीदे जाते हैं। FSSAI ने राज्यों को यह छूट दी है कि वे अपने क्षेत्रों में खान-पान के चलन और स्थानीय मांग को देखते हुए जांच के लिए खाद्य पदार्थों की प्राथमिकता तय कर सकते हैं।इस कदम का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिक मांग के कारण उत्पादन और बिक्री में अचानक बढ़ोतरी होने पर गुणवत्ता से समझौते की आशंका को देखते हुए पहले से निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया गया है।FSSAI के निर्देश के बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। उन्हें बाजारों, दुकानों और खाद्य उत्पादों की बिक्री से जुड़े स्थानों पर निगरानी के साथ सैंपलिंग बढ़ानी होगी। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
त्योहारी खरीदारी के दौरान उपभोक्ताओं के लिए भी सतर्कता जरूरी है। मिठाई, दूध से बने उत्पाद, घी, तेल या दूसरे पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और जरूरी जानकारी पर ध्यान देना चाहिए। संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों से बचना बेहतर है।कुल मिलाकर नवरात्रि और दिवाली से पहले FSSAI ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट संदेश दिया है कि मिलावटी, नकली और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री को रोकने के लिए निगरानी में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। मिठाइयों से लेकर दूध, घी, खोया, पनीर, नमकीन, खाद्य तेल और व्रत में इस्तेमाल होने वाले आटे तक, स्थानीय मांग के आधार पर जांच और सैंपलिंग बढ़ाकर त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
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