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GST से पेंशन और बिल पेमेंट तक नवंबर के सात बड़े अपडेट जानिए क्या होगा असर

nidhi
1 Nov 2026 6:53 AM IST
GST से पेंशन और बिल पेमेंट तक नवंबर के सात बड़े अपडेट जानिए क्या होगा असर
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नई दिल्ली: नवंबर की शुरुआत के साथ बैंकिंग, पेंशन, दूरसंचार और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए हैं। पंजाब नेशनल बैंक के क्रेडिट कार्ड पर संशोधित शुल्क एक नवंबर 2026 से प्रभावी हैं। वहीं, पात्र पेंशनभोगियों के लिए वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की अवधि शुरू हो गई है। मोबाइल पर कॉल करने वाले का नाम दिखाने और म्यूचुअल फंड निवेश में खर्च की पारदर्शिता से जुड़े बदलाव भी महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, इन सातों अपडेट को एक नवंबर से लागू हुआ नया नियम कहना सही नहीं होगा। कैंसर की कुछ दवाओं की संशोधित कीमतें नौ नवंबर से प्रभावी होंगी, जबकि गोल्ड बॉन्ड की निकासी अलग-अलग निर्धारित तारीखों पर होगी।
पहला महत्वपूर्ण अपडेट जीएसटी प्रक्रियाओं से जुड़ा है। अक्टूबर में हुई जीएसटी परिषद की बैठक में पंजीकरण, दस्तावेजों, रिफंड और नोटिस संबंधी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की सिफारिशें की गई थीं। इनमें छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं को दूसरे राज्यों में संबंधित प्लेटफॉर्म के गोदाम को मुख्य कारोबारी स्थान घोषित करने की सुविधा देने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसका उद्देश्य कारोबारियों के लिए पंजीकरण की बाधाएं कम करना है। हालांकि, परिषद की सिफारिश और कानूनी रूप से प्रभावी प्रावधान में अंतर है। संबंधित सुविधा की पात्रता तथा लागू होने की तारीख के लिए अधिसूचना और पोर्टल निर्देश महत्वपूर्ण होंगे। जीएसटी सुधारों को लेकर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासनिक प्रक्रिया से लागू किए जा सकने वाले बदलाव नवंबर से चरणबद्ध तरीके से लाए जाने हैं। कानून में संशोधन की जरूरत वाले प्रावधानों के लिए अलग समयसीमा हो सकती है। इसलिए सभी जीएसटी सुधारों को एक साथ लागू मानना उचित नहीं है। पंजीकरण में आसानी और रिफंड की गति बढ़ने से कारोबारियों की अनुपालन संबंधी परेशानी कम हो सकती है, लेकिन इसका अर्थ सभी सामानों की जीएसटी दरों में कटौती नहीं है। इन प्रक्रियागत बदलावों के आधार पर रोजमर्रा की वस्तुएं तत्काल सस्ती होने का दावा भी नहीं किया जा सकता।
दूसरा अपडेट मोबाइल कॉल से संबंधित है। दूरसंचार विभाग के निर्देशों पर आधारित रिपोर्ट के मुताबिक, एक नवंबर से चार जी और उससे उन्नत नेटवर्क पर कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन यानी सीएनएपी सेवा लागू करने की समयसीमा तय की गई है। इसके तहत अनसेव नंबर से आने वाली कॉल पर दूरसंचार कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज नाम दिखाया जा सकेगा। इससे उपभोक्ता फोन उठाने से पहले कॉल करने वाले की पहचान समझ सकेंगे। दो जी, तीन जी और लैंडलाइन नेटवर्क के लिए व्यवस्था अलग से विचाराधीन है। इसलिए सभी उपकरणों पर एक जैसी उपलब्धता मानना सही नहीं होगा।
तीसरा अपडेट पेंशनभोगियों के लिए है। अस्सी वर्ष से कम उम्र के पात्र सरकारी पेंशनर्स एक नवंबर से अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। सामान्य वार्षिक व्यवस्था के तहत यह काम नवंबर में पूरा किया जाता है। अस्सी वर्ष या अधिक उम्र के पेंशनभोगियों को एक अक्टूबर से यह सुविधा मिल चुकी है। जीवन प्रमाण पत्र बैंक शाखा में जमा करने के साथ डिजिटल माध्यम से भी बनाया जा सकता है। अनुकूल स्मार्टफोन पर जीवन प्रमाण एप और फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प उपलब्ध है। यह वार्षिक प्रक्रिया है, कोई नया पेंशन लाभ नहीं।
चौथा बदलाव पंजाब नेशनल बैंक के क्रेडिट कार्ड शुल्क में है। बैंक ने एक नवंबर से संशोधित सेवा शुल्क लागू होने की पुष्टि की है। प्रकाशित शुल्क विवरण के अनुसार, पात्र वीजा और रुपे क्रेडिट कार्ड से एक बिलिंग चक्र में यूटिलिटी भुगतान पचास हजार रुपये से अधिक होने पर कुल भुगतान पर एक प्रतिशत शुल्क तथा लागू कर लगेगा। शुल्क की सीमा प्रति लेनदेन दो हजार रुपये है। बिजली, पानी, टेलीफोन और इंटरनेट जैसे बिल इस श्रेणी में आ सकते हैं। यह शुल्क सभी बैंकों के प्रत्येक भुगतान पर लागू सामान्य नियम नहीं है।
पांचवां अपडेट म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़ा है। सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने बताया है कि एक नवंबर से एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट विकल्प होगा। रेग्युलर प्लान चुनने वाले निवेशक को उसके अधिक खर्च अनुपात की जानकारी देनी होगी। डायरेक्ट प्लान में वितरक कमीशन शामिल नहीं होने से सामान्यतः खर्च अनुपात कम होता है। इससे निवेशक लागत का अंतर समझ सकेंगे। हालांकि, कम खर्च का मतलब निश्चित मुनाफा नहीं है और योजना से जुड़े बाजार जोखिम बने रहते हैं।
छठा अपडेट सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड रखने वालों के लिए है। नवंबर में कुछ पात्र सीरीज के निवेशकों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समयपूर्व निकासी का अवसर मिलेगा। यह सभी गोल्ड बॉन्ड निवेशकों के लिए एक नवंबर से खुली सार्वभौमिक निकासी सुविधा नहीं है। संबंधित सीरीज, ब्याज भुगतान की तारीख और आवेदन की समयसीमा के अनुसार पात्रता तय होती है। प्रकाशित सूचियों में सीरीज के विवरण अलग होने के कारण निवेशकों को अपने बॉन्ड का विवरण संबंधित बैंक अथवा आरबीआई के कार्यक्रम से मिलाना चाहिए।
सातवां बदलाव कैंसर की दवाओं की कीमतों से जुड़ा है। एनपीपीए ने 137 चिन्हित गैर-अनुसूचित कैंसररोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन अधिकतम तीस प्रतिशत तय किया है। सरकार के अनुसार, मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर संबंधित दवाओं की एमआरपी में सत्तर प्रतिशत तक कमी संभव है। संशोधित कीमतें नौ नवंबर 2026 से प्रभावी होंगी। प्रत्येक दवा में समान कटौती नहीं होगी। मरीज एनपीपीए की वेबसाइट और ‘फार्मा सही दाम’ एप पर संशोधित मूल्य देख सकेंगे। इस प्रकार बिल भुगतान में खर्च बढ़ने के साथ कुछ दवाओं में राहत मिलेगी।
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