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PM मोदी के समर्थन में नारे लगाए, कश्मीरी युवक की पिटाई
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाने वाले कश्मीरी युवक फहीम नजीर डार के साथ कथित मारपीट का मामला चर्चा में है। गुरुवार, 8 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान फहीम नजीर और कुछ प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद हो गया। फहीम ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में नारे लगाने के कारण उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद फहीम नजीर की पहचान और उनके पारिवारिक जीवन को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। श्रीनगर में रहने वाले उनके रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने बताया कि फहीम का बचपन पारिवारिक परेशानियों के बीच गुजरा था। उनके माता-पिता बचपन में ही अलग हो गए थे और बाद में पिता का भी निधन हो गया था।
कौन हैं फहीम नजीर डार?
फहीम नजीर डार जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित शालीमार इलाके के शात मोहल्ला के रहने वाले हैं। कुछ खबरों में उनका नाम फहीम नजीर शाह भी बताया गया है। स्थानीय रिश्तेदारों और पड़ोसियों के अनुसार, फहीम का जन्म और पालन-पोषण इसी इलाके में हुआ था।
उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी। रिश्तेदारों के मुताबिक, फहीम के माता-पिता बचपन में ही अलग हो गए थे। करीब 12 साल पहले उनके पिता ने परिवार का मकान बेच दिया था, जिसके बाद परिवार किराए के मकान में रहने लगा। बताया गया कि फहीम के पिता एसकेआईसीसी स्थित सेंटॉर होटल में काम करते थे। करीब पांच साल पहले दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। फहीम का कोई भाई-बहन नहीं है।
ऑटो चलाने से लेकर मजदूरी तक किया काम
फहीम नजीर के रिश्तेदारों और पड़ोसियों के अनुसार, उन्होंने करीब 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने रोजगार के लिए अलग-अलग काम किए। शुरुआत में वह ऑटो रिक्शा चलाते थे और कुछ समय तक इलेक्ट्रीशियन के रूप में भी काम किया।बाद में वह राजमिस्त्रियों के साथ मजदूरी करने लगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि फहीम कई साल पहले अपना पैतृक मोहल्ला छोड़कर चले गए थे। इसके बाद उनका परिवार और पड़ोसियों से संपर्क नहीं रहा। इसलिए उनके वर्तमान निवास और रोजगार के बारे में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं है।
दिल्ली में कैसे शुरू हुआ विवाद?
8 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में विपक्षी दलों से जुड़े लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान फहीम नजीर वहां पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाने लगे। फहीम का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ मारपीट की। दूसरी ओर कुछ कांग्रेस समर्थकों ने दावा किया कि फहीम ने राहुल गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे विवाद बढ़ा। फहीम ने राहुल गांधी को गाली देने के आरोप से इनकार किया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। घटना की वास्तविक परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
पीएम मोदी से मिलने के लिए पैदल निकले थे दिल्ली
फहीम नजीर खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रशंसक बताते हैं। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त 2021 को वह श्रीनगर से दिल्ली तक पैदल यात्रा पर निकले थे। उनका उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करना था, लेकिन उस समय उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। फहीम का कहना है कि वह प्रधानमंत्री और सुरक्षा बलों के प्रति अपना समर्थन सार्वजनिक रूप से व्यक्त करते रहे हैं। उन्होंने किसी राजनीतिक दल से औपचारिक रूप से जुड़े होने से इनकार किया है।
श्रीनगर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
दिल्ली में हुई घटना के विरोध में शुक्रवार को श्रीनगर के गुपकार रोड पर भाजपा युवा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मारपीट की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद होने के बावजूद किसी नागरिक के साथ हिंसा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा भी उठाया।
दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
फहीम नजीर की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस घटना के वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मारपीट में कौन-कौन शामिल था। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना के जिम्मेदार लोगों और विवाद की पूरी वजह का पता चल सकेगा।
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