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एयर सुविधा 2.0 के नाम पर फर्जीवाड़ा, सरकार बोली- भुगतान न करें यात्री

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने यात्रियों को साइबर ठगी से बचाने के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। नागर विमानन मंत्रालय ने शनिवार को यात्रियों से अपील की कि वे 'एयर सुविधा 2.0' की आधिकारिक वेबसाइट की पुष्टि करने के बाद ही अपनी व्यक्तिगत और यात्रा से जुड़ी जानकारी साझा करें। मंत्रालय ने कहा कि कुछ फर्जी वेबसाइटें और ऑनलाइन पोर्टल एयर सुविधा 2.0 के नाम का गलत इस्तेमाल कर यात्रियों को भ्रमित कर रहे हैं।
नागर विमानन मंत्रालय के अनुसार, कुछ जालसाज वेबसाइटें खुद को एयर सुविधा 2.0 का आधिकारिक प्लेटफॉर्म बताकर यात्रियों से जानकारी भरने और भुगतान करने के लिए कह रही हैं। ऐसे फर्जी पोर्टल यात्रियों को पेमेंट गेटवे तक पहुंचा रहे हैं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान होने का खतरा है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि एयर सुविधा 2.0 की सभी सेवाएं पूरी तरह निशुल्क हैं। सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म जमा करने या किसी अन्य सुविधा के लिए यात्रियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी, पासपोर्ट संबंधी विवरण या यात्रा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
फर्जी वेबसाइटों से बढ़ा साइबर खतरा
डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी अक्सर सरकारी सेवाओं और लोकप्रिय पोर्टल के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाते हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने एयर सुविधा 2.0 को लेकर यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मंत्रालय ने कहा कि यात्री किसी भी सेवा का उपयोग करने से पहले वेबसाइट की प्रमाणिकता जरूर जांच लें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या भुगतान करने से बचें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही एयर सुविधा 2.0 की सेवाओं का इस्तेमाल करें।
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सरकार की प्राथमिकता है। फर्जी वेबसाइटों के जरिए होने वाली ठगी को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध वेबसाइट या गतिविधि नजर आती है तो उसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें।
सरकार ने यह भी साफ किया कि एयर सुविधा 2.0 के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के लिए किसी एजेंट या निजी वेबसाइट के माध्यम से भुगतान करने की जरूरत नहीं है। यात्रियों को किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में अपनी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
यात्रा से पहले वेबसाइट की जांच जरूरी
विदेश यात्रा या हवाई यात्रा से जुड़े दस्तावेजों और घोषणाओं के लिए यात्री अक्सर ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा को ध्यान में रखना बेहद जरूरी हो गया है। सरकार ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ही भरोसा करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से बचें।
एयर सुविधा 2.0 को लेकर जारी यह चेतावनी यात्रियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सरकार ने दोहराया है कि आधिकारिक सेवाओं के लिए किसी भी तरह के भुगतान की मांग नहीं की जाती है।





