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विदेश सचिव मिस्री अमेरिका दौरे पर: भारत-US सहयोग चर्चा

Kavita2
7 April 2026 3:04 PM IST
विदेश सचिव मिस्री अमेरिका दौरे पर: भारत-US सहयोग चर्चा
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Delhi दिल्ली: भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री 8 से 10 अप्रैल तक तीन दिन के अमेरिका दौरे पर हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि इस दौरे का उद्देश्य भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करना और विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए वार्ता करना है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि मिस्री का दौरा अमेरिका के सीनियर अधिकारियों के साथ व्यापार, रक्षा, विज्ञान और टेक्नोलॉजी समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा का अवसर देगा। इसके अलावा, मध्य एशिया में मौजूदा तनावपूर्ण परिस्थितियों, विशेष रूप से ईरान के साथ संबंधों और वहां चल रहे विवादों पर भी विस्तार से चर्चा होगी।

हाल के महीनों में टैक्स और व्यापार को लेकर भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ तनाव देखा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत पर लगाए गए टैरिफ और भारत-पाकिस्तान क्षेत्रीय तनाव के संदर्भ में की गई टिप्पणियों ने द्विपक्षीय संबंधों पर दबाव डाला था। इस दौरे के दौरान दोनों पक्ष आर्थिक और व्यापारिक सहयोग के क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा में रहे मुद्दों पर आगे की कार्रवाई करने पर विचार करेंगे।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री के दौरे में अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति, वैश्विक आर्थिक हालात और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर बातचीत शामिल होगी। यह दौरा इस साल फरवरी में विदेश मंत्री के अमेरिका दौरे के बाद हो रहा है और इसे दोनों देशों के बीच नियमित उच्च स्तरीय संवाद का हिस्सा माना जा रहा है।

MEA के बयान में कहा गया है कि यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूती देने का अवसर प्रदान करेगा। मिस्री के दौरे के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों के बीच लंबित व्यापार समझौतों, रक्षा सहयोग, विज्ञान और टेक्नोलॉजी में साझेदारी, और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।

विशेष रूप से व्यापार और टैरिफ के मसले पर चर्चा दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में सुधार और संतुलन स्थापित करने में अहम साबित हो सकती है। इसके अलावा, ईरान के साथ तनावपूर्ण स्थिति और मध्य एशिया में बढ़ते राजनीतिक जोखिमों पर बातचीत से क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस दौरे से भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग, व्यापारिक संबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। दोनों पक्ष लंबे समय से चर्चा में रहे द्विपक्षीय व्यापार सौदे और सुरक्षा समझौतों पर भी अगले कदमों पर विचार करेंगे।

इस दौरे का उद्देश्य न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है, बल्कि वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर दोनों देशों की साझेदारी को और विकसित करना भी है। मिस्री का दौरा दोनों देशों के लिए रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

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