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विदेश सचिव मिसरी का वाशिंगटन दौरा, भारत-US संबंध समीक्षा

Kavita2
7 April 2026 1:31 PM IST
विदेश सचिव मिसरी का वाशिंगटन दौरा, भारत-US संबंध समीक्षा
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New Delhi नई दिल्ली : विदेश सचिव विक्रम मिसरी बुधवार से तीन दिन के दौरे पर वाशिंगटन DC पहुंचेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच चल रहे द्विपक्षीय संबंधों की पूरी रेंज का रिव्यू करना और अहम क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस अवसर पर बताया कि 8 से 10 अप्रैल तक चलने वाला यह दौरा दोनों देशों के बीच लगातार उच्च स्तर की बातचीत का हिस्सा है।

MEA के बयान के अनुसार, मिसरी इस दौरान अमेरिकी प्रशासन के सीनियर अधिकारियों के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इनमें व्यापार, रक्षा, विज्ञान और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही दोनों पक्ष क्षेत्रीय और वैश्विक विकास के मामलों पर भी विचार-विमर्श करेंगे, जो भारत-US संबंधों की मजबूती और भविष्य की रणनीतियों के लिए अहम हैं।

बयान में यह भी कहा गया कि यह दौरा फरवरी में विदेश मंत्री के वाशिंगटन दौरे के बाद हो रहा है और यह नियमित उच्च स्तर की बातचीत के अनुरूप है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में बढ़ती साझेदारी और रणनीतिक संवाद ने रक्षा, टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में नए आयाम जोड़े हैं। इस दौरे में इन पहलुओं की समीक्षा और अगले कदमों की योजना बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

विदेश सचिव के दौरे का महत्व इस बात में है कि यह अमेरिका के साथ बढ़ते आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। दोनों पक्ष हाल के समय में जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान और रक्षा सहयोग में गहन सहयोग कर रहे हैं। मिसरी की वार्ता से इन क्षेत्रों में नई परियोजनाओं और समझौतों की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

MEA ने बताया कि इस दौरे के दौरान दोनों देशों के अधिकारी व्यापार नीतियों, निवेश, तकनीकी सहयोग और रक्षा साझेदारी पर विस्तृत बातचीत करेंगे। इसके अलावा, क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा और Indo-Pacific क्षेत्र में सामरिक संतुलन जैसे विषय भी बैठक में शामिल होंगे। इस चर्चा से भारत-US रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत करने और नई दिशा देने की संभावना है।

विदेश सचिव के दौरे का दूसरा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोनों देशों के बीच जारी परियोजनाओं और समझौतों पर उचित गति बनी रहे। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों ने उच्च स्तरीय डिप्लोमैटिक और तकनीकी वार्ता के जरिए कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाया है। मिसरी की यह यात्रा उन पहलुओं को और व्यापक रूप देने का अवसर है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरे से व्यापार, रक्षा और विज्ञान तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में नई संभावनाओं का पता लगेगा और दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों में नई मजबूती आएगी।

विदेश मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह दौरा द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने, सुरक्षा और व्यापारिक संबंधों को मजबूती देने और वैश्विक मंच पर साझेदारी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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