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विदेशी व भारतीय संस्थान बहुत जल्द ही दोहरी डिग्री की पेशकश कर सकेंगे: यूजीसी अध्यक्ष जगदेश कुमार

Admin Delhi 1
20 April 2022 7:50 PM IST
विदेशी व भारतीय संस्थान बहुत जल्द ही दोहरी डिग्री की पेशकश कर सकेंगे: यूजीसी अध्यक्ष जगदेश कुमार
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दिल्ली एजुकेशनल न्यूज़: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष जगदीश कुमार के अनुसार भारतीय और विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान जल्द ही संयुक्त या दोहरी डिग्री और ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम की पेशकश कर सकते हैं क्योंकि यूजीसी ने इन कार्यक्रमों के लिए नियमों को मंजूरी दे दी है। यह फैसला मंगलवार को उच्च शिक्षा नियामक की एक बैठक में किया गया।

यूजीसी ने इन प्रोग्रामों के लिए नियमों को दी मंजूरी: इसके बाद कुमार ने कहा कि 3.01 के न्यूनतम स्कोर के साथ राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) द्वारा मान्यता प्राप्त कोई भी भारतीय संस्थान या राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की विश्वविद्यालय श्रेणी में शीर्ष 100 में शामिल या उत्कृष्ट संस्थान किसी भी ऐसे विदेशी संस्थान के साथ सहयोग कर सकता है जो टाइम्स उच्च शिक्षा या 'क्यूएस' विश्व रैंकिंग के शीर्ष 1000 संस्थानों में शामिल है।

यूनिवर्सिटी में दाखिले के वक्त छात्र को मिलेगा देशी के साथ विदेशी डिग्री का विकल्प: उन्होंने कहा कि इन प्रोग्रामों के लिए विश्वविद्यालयों को यूजीसी से पूर्व मंजूरी नहीं लेनी होगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को विदेशी संस्थान से 30 प्रतिशत क्रेडिट प्राप्त करना होगा। हालांकि, ये नियम ऑनलाइन और ओपन तथा दूरस्थ शिक्षा मोड के तहत आने वाले कार्यक्रमों पर लागू नहीं होंगे। कुमार ने कहा कि 12वीं बाद छात्र सीयूईटी स्कोर पर जब इन यूनिवर्सिटी कार्यक्रमों में दाखिला ले रहा होगा। उसके पास तभी विकल्प होगा कि वह दोहरी डिग्री, या ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम में जाना चाहता है या नहीं। अगर वह इस प्रोग्राम में दाखिला होता है आधी पढ़ाई देश में रहकर और आधी पढ़ाई विदेश में रहकर करेगा।

डुअल डिग्री प्रोग्राम की डिग्री भारत से और ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम की डिग्री भारतीय व विदेशी दोनों संस्थान करेंगे जारी: छात्र के लिए देश और विदेश दोनों ही संस्थानों के उपस्थिति मानकों को पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि एनईपी 2020 के तहत अधिक छात्रों के लिए सुलभ बनाने के लिए इसकी फीस रीजनेबल रखी जाएगी। साथ ही कुछ छात्रों को स्कॉलरशिप के जरिए भी इस तरह के प्रोग्रामों में दाखिले का अवसर होगा। डुअल डिग्री प्रोग्राम की डिग्री भारतीय यूनिवर्सिटी द्वारा छात्र को दी जाएगी। लेकिन ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम में देशी विदेशी दोनों संस्थानों द्वारा छात्र को डिग्री मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश में मौजूदा समय में 4 करोड़ छात्र उच्चतर शिक्षा में है। जल्द ही यह संख्या 10 करोड़ होने जा रही है। इस तरह के प्रोग्रामों से छात्रों को अपने देश के कल्चर के साथ-साथ विदेशी यूनिवर्सिटी एजुकेशन लेवल और वहां के कल्चर के बारे में भी जानकारी मिलेगी।

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