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उन लोगों के लिए जो यात्रा का आनंद लेते हैं..

Sonam
5 July 2023 12:10 PM IST
उन लोगों के लिए जो यात्रा का आनंद लेते हैं..
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देश-विदेश से ताजनगरी घूमने आने वाले सैलानी अब ईको और रिलीजन टूरिज्म का मजा भी उठा सकेंगे. घूमने का मजा लेने वालों को शहर से महज 12 किलोमीटर दूर एक नया पिकनिक स्पॉट मिलने जा रहा है. रामसर साइट सूर सरोवर पक्षी विहार का कायाकल्प करने की तैयारी है. ईको टूरिज्म और रिलीजन टूरिज्म के अनुसार विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं. जल्द ही सेंचुरी में अलग से लोअर कीठम लेक बनाने की तैयारी है. लेक में क्रॉस ब्रिज बनाए जाएंगे. यहां पर्यटक वोटिंग का लुत्फ भी उठा सकेंगे. वन विभाग ने पक्षी विहार में परिवर्तन को कई प्रस्ताव शासन को भेजे हैं, जिसमें कई बिंदुओं पर कार्य प्रारम्भ भी हो गया है.

आगरा-दिल्ली हाइवे पर स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार का गजट 27 मार्च-1991 को हुआ था. 700 हेक्टेयर में फैली सेंचुरी में 300 हेक्टेयर की मानव निर्मित झील है. यहां हर वर्ष 100 से अधिक प्रजातियों के प्रवासी और अप्रवासी पक्षी आते हैं. नवंबर-2020 को इसे रामसर साइट का दर्जा मिला है. सेंचुरी में एशिया का सबसे बड़ा स्लॉथ बियर रेस्क्यू एंड रिहिबिलिटेशन सेंटर भी संचालित हैं. यहां देशभर से मदारियों से रेस्क्यू किए गए भालुओं को संवर्धन और संरक्षण हो रहा है.

इसके साथ ही सेंचुरी में बने पक्षियों के टॉवर आकर्षण का केंद्र हैं. अजगर सफारी भी लगभग तैयार हो गई है. ईको टूरिज्म के अनुसार वन विभाग ने शासन को भेजे प्रस्ताव में सेंचुरी के अंदर गाड़ी पार्किंग, वॉक-वे, ई-रिक्शा, कैंटीन, टॉयलेट, फैसेलिटी, इंटरप्रिटेशन सेंटर का उच्चीकरण भी शामिल किया है. अभी इन बिंदुओं पर कार्य तेजी से चल भी रहा है. पर्यटकों के लिए टूटी पड़ी ब्रेंच के लिए भी शासन से हाल ही में सवा करोड़ की रकम भी प्राप्त हुई है.

लोअर कीठम लेक के साथ होगा झरना

ईको टूरिज्म के अनुसार सेंचुरी में लोअर कीठम झील बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था. इसके लिए ईको टूरिज्म बोर्ड के सदस्य और मुंबई की एक कंपनी के पदाधिकारियों ने कीठम का दौरा भी कर लिया है. बारिश के सीजन में सेंचुरी की झील में पानी ओवरफिलो होकर खाली पड़े मैदान में भर जाता है. यहां से पानी यमुना में गिरता है. इस जगह पर लोअर कीठम लेक बनाई जाएगी. लेक के ऊपर क्रॉस ब्रिज बनेगा. एक झरना भी बनेगा. इस झील में पर्यटकों की मस्ती के लिए वोटिंग प्रारम्भ कराई जाएगी. बच्चों के मनोरंजन के लिए भी खासा व्यवस्था होंगे.

स्कूली बच्चों को भी मिलेगी जानकारी

पक्षी वैज्ञानिक डाक्टर केपी सिंह बताते हैं कि सेंचुरी में पूरे विश्व से पक्षी आते हैं. अक्तूबर के आखिरी हफ्ते से इनका आगमन प्रारम्भ होता है, जो फरवरी के आखिरी हफ्ते में यहां से जाते हैं. करीब तीन महीने तक सेंचुरी का माहौल बदल जाता है. रंग-बिरंगे पक्षियों की पानी में अठखेलियां सैलानियों को भाती हैं. लेकिन, सेंचुरी में विजिटर और पर्यटकों के लिए अनेक पाबंदियां हैं. ईको टूरिज्म बोर्ड की योजना पर्यटकों को अनेक सुविधाएं देगी. पर्यटक वोटिंग कर सकेंगे. प्रवासी पक्षियों को देख सकेंगे. स्कूली बच्चों को पक्षियों और सेंचुरी से जुड़ी जानकारियां मिल सकेंगीं.

डीएफओ चंबल वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, आरुषि श्रीवास्तव ने बोला कि रामरस साइट सूर सरोवर पक्षी विहार के ईको सेंसिटिव जोन में वाहनों का आवागमन रोकने के लिए पार्किंग की योजना है. ईको टूरिज्म के अनुसार सेंचुरी में लोअर कीठम लेक बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है. इसके निर्माण से शहरवासी और पर्यटकों के लिए एडवेंचर का नया प्वाइंट बनकर उभरेगा. पक्षियों को भी शांतिपूर्ण माहौल मिलेगा. प्रदूषण पर नियंत्रण होगा. पक्षियों के नजदीक मानव गतिविधि रुकने से वे सुरक्षित महसूस करेंगे और संख्या में निश्चित वृद्धि होगा.

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