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दिवाली से पहले दिल्ली में खाद्य विभाग का छापा, 10 सैंपल लिए
Rajeshwari Nishad
28 Oct 2026 6:58 PM IST

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नई दिल्ली। दिवाली के त्योहार से पहले राजधानी दिल्ली में मिठाइयों, बिस्कुट और बेकरी उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग ने बेकरी निर्माण इकाइयों और खुदरा दुकानों पर विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के तहत सात प्रतिष्ठानों की जांच की गई और विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 10 नमूने एकत्र किए गए। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों के आधार पर दो प्रतिष्ठानों के खिलाफ सुधार नोटिस जारी करने की सिफारिश की गई है।
त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। विभाग का मुख्य उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की निगरानी करना और उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाना है।
दिवाली से पहले बेकरी और मिठाई दुकानों पर सख्ती
दिवाली के नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों, नमकीन, बिस्कुट, केक और अन्य बेकरी उत्पादों की बिक्री बढ़ जाती है। त्योहारों पर लोग अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों को मिठाइयां तथा गिफ्ट पैक देते हैं।ऐसे समय में खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ गुणवत्ता बनाए रखना कारोबारियों के लिए बड़ी जिम्मेदारी बन जाता है। इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निरीक्षण अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।राजधानी में पहले भी मिठाई निर्माण इकाइयों और दुकानों की जांच के दौरान साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के भंडारण और कर्मचारियों द्वारा भोजन संभालने के तरीकों में कमियां सामने आ चुकी हैं।
सात प्रतिष्ठानों की जांच, 10 खाद्य नमूने लिए गए
विशेष अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने सात बेकरी निर्माण इकाइयों और खुदरा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई, उत्पादन प्रक्रिया, भंडारण व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों के पालन की जांच की गई।अधिकारियों ने विभिन्न खाद्य उत्पादों के कुल 10 नमूने एकत्र किए। इन नमूनों की प्रयोगशाला जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि उत्पाद निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
नमूने एकत्र किए जाने का मतलब यह नहीं है कि सभी उत्पाद मिलावटी या असुरक्षित पाए गए हैं। उनकी वास्तविक गुणवत्ता प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
दो प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस देने की सिफारिश
निरीक्षण अभियान के दौरान दो प्रतिष्ठानों में ऐसी कमियां दर्ज की गईं, जिनके आधार पर उनके खिलाफ सुधार नोटिस जारी करने की सिफारिश की गई है।सुधार नोटिस का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश देना होता है।खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों के तहत प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और उत्पादन प्रक्रिया में आवश्यक सुधार करने पड़ सकते हैं।हालांकि, संबंधित दो प्रतिष्ठानों में पाई गई विशिष्ट कमियों और उन्हें नोटिस जारी होने की अंतिम स्थिति का विस्तृत विवरण अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ-सफाई और भंडारण व्यवस्था पर विशेष नजर
त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष ध्यान उन स्थानों पर है, जहां बड़ी मात्रा में खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते हैं।खासकर बेकरी निर्माण इकाइयों में इस्तेमाल होने वाला आटा, मैदा, मक्खन, घी, क्रीम, दूध और अन्य सामग्री सही तापमान तथा स्वच्छ परिस्थितियों में रखना जरूरी है।खराब भंडारण के कारण खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा उत्पादन स्थल की साफ-सफाई और कर्मचारियों द्वारा खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से संभालना भी बेहद आवश्यक है।दिल्ली में अक्टूबर के दौरान हुए दूसरे निरीक्षण अभियानों में कुछ मिठाई प्रतिष्ठानों पर कीटों की मौजूदगी, बिना दस्ताने खाद्य पदार्थ संभालने और उचित लेबलिंग नहीं होने जैसी समस्याएं सामने आई थीं।
पहले भी जब्त किया जा चुका है बड़ी मात्रा में घी
दिल्ली सरकार का खाद्य सुरक्षा अभियान केवल बेकरी और मिठाई दुकानों तक सीमित नहीं है।इससे पहले विभाग ने विकासपुरी और हस्तसाल क्षेत्र में विभिन्न दुकानों का निरीक्षण करते हुए 322 किलोग्राम और लीटर से अधिक मात्रा में घी जब्त किया था।विभाग ने घी के विभिन्न ब्रांडों के नमूने भी जांच के लिए एकत्र किए थे।इसके अलावा मिठाइयों, मखाने, हल्दी, बिस्कुट और कैंडी जैसे उत्पादों के नमूने लेकर जांच कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिए सख्त निर्देश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।उन्होंने खाद्य कारोबारियों से स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन करने, सामग्री का सुरक्षित भंडारण करने और कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण देने पर जोर दिया है।सरकार का कहना है कि लोगों को बाजार से खरीदे जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भरोसा होना चाहिए। इसके लिए विभाग नियमित निरीक्षण और नमूनों की जांच जारी रखेगा।
जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण होगी।जांच में किसी खाद्य पदार्थ के निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने की पुष्टि होने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।वहीं, जिन प्रतिष्ठानों में स्वच्छता या अन्य नियमों के पालन से जुड़ी कमियां सामने आई हैं, उन्हें सुधार करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।विभाग का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों को सुरक्षित उत्पादन और बिक्री के लिए जवाबदेह बनाना भी है।
ग्राहकों को भी बरतनी चाहिए सावधानी
त्योहारों के दौरान मिठाई, बिस्कुट और बेकरी उत्पाद खरीदते समय ग्राहकों को भी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।पैक किए गए खाद्य उत्पादों पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी या बेस्ट बिफोर तिथि, सामग्री का विवरण और एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर जरूर देखना चाहिए।मिठाई खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई, उत्पाद के रंग, गंध और उसे रखने की व्यवस्था पर ध्यान देना भी जरूरी है।यदि कोई खाद्य पदार्थ असामान्य गंध वाला, खराब या संदिग्ध दिखाई देता है, तो उसे खरीदने से बचना चाहिए।खाद्य पदार्थों की सुरक्षित खरीदारी से त्योहारों के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का जोखिम कम किया जा सकता है।
दिवाली तक जारी रह सकती है निगरानी
दिवाली से पहले दिल्ली में चल रहे निरीक्षण अभियान से स्पष्ट है कि सरकार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सतर्कता बढ़ा रही है।सात प्रतिष्ठानों की जांच, 10 नमूनों का संग्रह और दो प्रतिष्ठानों के खिलाफ सुधार नोटिस की सिफारिश इसी निगरानी का हिस्सा है।अब सभी की निगाहें प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट पर रहेंगी। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि एकत्र किए गए नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
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