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देश की अहम रणनीतिक कड़ी पर फोकस शाह बोले सुरक्षा में नहीं होगी कमी

Ratna Netam
21 Aug 2026 5:08 PM IST
देश की अहम रणनीतिक कड़ी पर फोकस शाह बोले सुरक्षा में नहीं होगी कमी
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दिल्ली : देश के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ने वाले रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण **सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी 'चिकन नेक'** की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाने की बात कही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इस संवेदनशील क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम इलाका है। यह संकरा गलियारा करीब 20 से 25 किलोमीटर चौड़ा क्षेत्र है, जो पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। किसी भी आपात स्थिति में इस क्षेत्र की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
गृह मंत्री ने बताया कि इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तीन महत्वपूर्ण बेस तैयार किए जा चुके हैं, जिनसे सुरक्षा बलों की तैनाती और ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाया जा सकेगा। इन ठिकानों से सीमावर्ती इलाकों पर बेहतर निगरानी रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारत की सीमाओं की सुरक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। देश के किसी भी हिस्से की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। खासकर चिकन नेक जैसे रणनीतिक क्षेत्र में मजबूत सुरक्षा ढांचा समय की जरूरत है।
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार को सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों को भी राजनीति के नजरिए से देखते हैं। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अलग प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके माध्यम से असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर और नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से बना रहता है। इस क्षेत्र के आसपास चीन, भूटान, नेपाल और बांग्लादेश की सीमाएं भी हैं, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।
सुरक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से इस बात पर जोर देते रहे हैं कि चिकन नेक क्षेत्र में मजबूत सैन्य और सुरक्षा ढांचे की जरूरत है। किसी भी बाहरी चुनौती या आपात स्थिति में यह इलाका देश की सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है।
केंद्र सरकार की ओर से सीमा क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने, सड़कों के निर्माण और सुरक्षा बलों की तैनाती को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से पहुंच और बेहतर निगरानी सुनिश्चित करना है।
अमित शाह ने कहा कि सरकार देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मामलों में केंद्र सरकार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतेगी।
वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सरकार को वास्तविक स्थिति और उठाए गए कदमों की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। उनका कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता जरूरी है।
फिलहाल चिकन नेक क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार के कदमों ने एक बार फिर इस रणनीतिक गलियारे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। तीन नए बेस तैयार होने के दावे के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
भारत के लिए पूर्वोत्तर का यह प्रवेश द्वार केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बेहद अहम है। ऐसे में आने वाले समय में इस क्षेत्र में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े और कदम उठाए जाने की संभावना है।
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