दिल्ली-एनसीआर

बाढ़ का कहर: यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, इलाके जलमग्न

SHIDDHANT
4 Sept 2025 10:35 PM IST
बाढ़ का कहर: यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, इलाके जलमग्न
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DELHI दिल्ली: एनसीआर के कई हिस्से पानी में डूब गए हैं। सोशल मीडिया पर बाढ़ की भयावहता झलक रही है, जहां जलमग्न सड़कों, डूबी हुई कारों और घरों में घुसे पानी की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। राजधानी दिल्ली में बाढ़ की मुख्य वजह यमुना नदी का उफान है, जबकि गुरुग्राम में जल निकासी की समस्या और भारी बारिश को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। दिल्ली में यमुना नदी छह दशकों में अपने तीसरे सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। गुरुवार सुबह 8 बजे यमुना का जलस्तर 207.47 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से काफी अधिक है। बुधवार को हुई भारी बारिश के कारण यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुँच गया था। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में नदी कुछ इलाकों में अपने तटबंधों से 7 किलोमीटर से अधिक तक फैलती दिखाई दी।

दिल्ली में उत्तर-पूर्वी, यमुना विहार, सोनिया विहार, मौजपुर और चिल्ला क्षेत्रों में पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। कई सड़कों पर जलभराव के कारण वाहनों का संचालन मुश्किल हो गया है और आम लोगों की आवाजाही बाधित हो रही है। आपातकालीन सेवाओं ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिया है। एनडीआरएफ और दिल्ली पुलिस की टीमें बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। गुरुग्राम में बाढ़ की स्थिति मुख्य रूप से जल निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था के कारण है। कई कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर पानी भर गया है। नागरिकों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था सुधारने और पानी निकासी के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों से जलमग्न इलाकों में न जाने, वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और बच्चों को घर में सुरक्षित रखने की सलाह दी है। यमुना नदी के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटे में और भारी बारिश की संभावना जताई है। यमुना के जलस्तर पर नजर रखने के लिए एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी कर रहे हैं। लोगों को भी सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। इस बाढ़ ने दिल्ली और एनसीआर के जीवन को प्रभावित कर दिया है, और प्रशासन एवं राहत एजेंसियों की सतत कोशिशों के बावजूद आम नागरिकों के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

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