दिल्ली-एनसीआर

मीटर रीडर और एजेंसी पर दर्ज होगी एफआईआर अगर मीटर रीडिंग में गड़बड़ी पाई गई: दिल्ली जल बोर्ड

Admin Delhi 1
14 Sept 2022 11:36 AM IST
मीटर रीडर और एजेंसी पर दर्ज होगी एफआईआर अगर मीटर रीडिंग में गड़बड़ी पाई गई: दिल्ली जल बोर्ड
x

दिल्ली न्यूज़: दिल्ली सरकार ने गलत वाटर मीटर रीडिंग पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। अब मीटर रीडिंग में गड़बड़ी होने पर मीटर रीडर और एजेंसी दोनों पर एफआईआर दर्ज होगी। यह निर्णय दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के एक बैठक में लिया गया। बैठक में डीजेबी उपाध्यक्ष व सभी 21 बिलिंग एजेंसियों के अधिकारियों ेने भाग लिया। डीजेबी उपाध्यक्ष ने कहा कि मीटर रीडिंग में गड़बड़ी पर अब बिलिंग एजेंसियां भी जिम्मेदार होंगी। मीटर रीडर की डिटेल्स को आधार से लिंक किया जाएगा। मीटर रीडर के गड़बड़ी करने पर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। उपभोक्ताओं को गलत बिलिंग के खिलाफ जागरुक किया जाएगा। मीटर रीडर को न्यूनतम मानदेय ना देने वाली एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।बैठक में बताया गया कि डीजेबी के कुल 41 जोन हैं, जिसमें 21 जोन में बिलिंग के लिए प्राइवेट एजेंसियों को नियुक्त किया गया है। इस बैठक में इन सभी कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे और उपाध्यक्ष को अपने-अपने जोन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उपाध्यक्ष ने कहा कि कुछ एजेंसियां अपने मीटर रीडर्स को न्यूनतम मानदेय से कम भुगतान करती हैं। एजेंसियां अगर मीटर रीडर को न्यूनतम मानदेय नहीं देंगी तो वे चोरी करना शुरू करेगा। एजेंसियों के पैसे ना देने की वजह से मीटर रीडर उपभोक्ताओं से पैसे मांग रहे हैं और इससे सरकार की बदनामी होती है। उपाध्यक्ष ने डीजेबी के अधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यूनतम मानदेय से कम भुगतान करने वाली एजेंसियों को नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि कई लोग तो मुझसे सीधी शिकायत करके बताते हैं कि मीटर रीडर ने उनसे बिल कम कराने के लिए पैसे मांगे। सरकार के वेंडर अगर इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाएंगे तो इसे भ्रष्टाचार मान कर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। अब अगर ऐसी शिकायत पकड़ी गई तो कंपनी और मीटर रीडर दोनों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

उपभोक्ताओं को किया जाएगा जागरूक: दिल्ली जल बोर्ड ने कहा है कि उपभोक्ताओं के लिए एक जागरुकता अभियान चलाएगा जाएगा, जिसमें लोगों को इस बारे में जागरुक किया जाएगा कि कोई भी मीटर रीडर आपसे कुछ पैसे के बदले में आपकी रीडिंग कम करने का प्रलोभन देता है तो ऐसा ना होने दें। क्योंकि अगर ऐसा होता है तो रीडिंग कम कराने के बाद भी बचा हुआ बिल आपको अगले बिल साइकिल में देना पड़ेगा। इस जागरुकता अभियान के लिए डीजेबी उपभोक्ताओं को पत्र और अन्य माध्यमों से जागरुक करेगा।

Next Story