दिल्ली-एनसीआर

जंतर-मंतर उल्लंघन मामले में CJP नेताओं पर FIR दर्ज

Kiran
14 Oct 2026 9:33 AM IST
जंतर-मंतर उल्लंघन मामले में CJP नेताओं पर FIR दर्ज
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Delhi अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेताओं सौरव दास, आशुतोष रंका और अन्य सदस्यों के खिलाफ बिना इजाज़त जंतर-मंतर इलाके में घुसने के आरोप में FIR दर्ज की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, FIR में उन धाराओं को भी शामिल किया गया है जिनके तहत रंका और दास ने पहले शांति बनाए रखने का बॉन्ड (पीस बॉन्ड) साइन किया था।
यह कार्रवाई तब की गई जब ये कार्यकर्ता भारी बैरिकेडिंग वाले विरोध स्थल में घुस गए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। हाल ही में जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगह की सूची से हटा दिया गया था।
मंगलवार सुबह दास, रंका और CJP के कुछ अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया, क्योंकि वे कथित तौर पर निषेधाज्ञा (prohibitory orders) का उल्लंघन करके उस इलाके में घुस गए थे। संगठन के अनुसार, उनके 11 सदस्यों को हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को द्वारका जिले के जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन ले जाया गया। जब CJP के कुछ कार्यकर्ता वहां जमा हुए, तो पुलिस स्टेशन के अंदर और आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई।
CJP के संस्थापक दिपके ने संगठन की इस कार्रवाई को जंतर-मंतर पर अपना हक वापस पाने की कोशिश बताया और कहा कि विरोध स्थल का दर्जा खत्म होने से भी वे अपना आंदोलन जारी रखने से पीछे नहीं हटेंगे। दिपके, दास और रंका को शनिवार को भी हिरासत में लिया गया था, जब वे दिल्ली पहुंचे थे। उस समय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संगठन का विरोध प्रदर्शन नहीं हो पाया था।
उन्हें एक दिन बाद इस शर्त पर रिहा किया गया था कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को विरोध प्रदर्शनों और रैलियों के लिए नई जगहें घोषित किया था। CJP ने कहा कि विरोध स्थल का दर्जा खत्म करने की घोषणा 12 अक्टूबर को हुई थी, उसी दिन संगठन के प्रतिनिधि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन गए थे।
संगठन ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी के राजनीतिक केंद्र से दूर प्रदर्शनों को स्थानांतरित करने से जनता के विरोध की दृश्यता (visibility) कम हो जाएगी। वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न में कथित गड़बड़ियों को लेकर कुमार के ख़िलाफ़ कई संगठनों के विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बाद नई दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और इसी बीच ये नई गिरफ्तारियां हुई हैं।
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