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मंडियों में भीग गई किसानों की उपज भारी बारिश से बड़ा नुकसान

Ratna Netam
15 Oct 2026 4:44 PM IST
मंडियों में भीग गई किसानों की उपज भारी बारिश से बड़ा नुकसान
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अमृतसर/नई दिल्ली। पंजाब और दिल्ली में गुरुवार को हुई भारी बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अमृतसर की भगतनवाला अनाज मंडी और दिल्ली के नरेला स्थित अनाज बाजार में खुले में रखा अनाज बारिश की चपेट में आ गया। बारिश के कारण बड़ी संख्या में अनाज के बोरे भीग गए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों में पहुंचे किसान अचानक हुई बारिश से परेशान नजर आए।अमृतसर की भगतनवाला अनाज मंडी में बारिश के दौरान खुले में रखे अनाज के बोरे भीग गए। वहीं, दिल्ली की नरेला मंडी में भी बारिश के कारण अनाज प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
भगतनवाला अनाज मंडी में भीगे अनाज के बोरे
अमृतसर की भगतनवाला अनाज मंडी में किसानों की उपज खुले में रखी हुई थी। इसी दौरान भारी बारिश शुरू होने से अनाज के बोरे पानी की चपेट में आ गए।किसानों के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि मंडी में पहुंचाई गई उपज को बारिश से बचाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल सका। इससे अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होने और बिक्री के दौरान परेशानी आने की आशंका बढ़ गई है।बारिश के कारण भीगे अनाज को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें आशंका है कि यदि अनाज में नमी अधिक हो गई, तो उसकी गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
किसान बोले- उपज लेकर पहुंचे और फिर शुरू हो गई बारिश
भगतनवाला मंडी में पहुंचे किसान कंवलजीत सिंह ने बताया कि किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे ही थे कि कुछ देर बाद दोबारा बारिश शुरू हो गई।उन्होंने बताया कि अचानक मौसम बदलने के कारण मंडी में रखा अनाज भीग गया। किसानों के लिए यह स्थिति परेशानी का कारण बन गई है।किसानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए लंबे समय तक मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में जब उपज बेचने का समय आता है और मंडी में अनाज बारिश से प्रभावित हो जाता है, तो उनकी आर्थिक चिंता और बढ़ जाती है।
दिल्ली की नरेला मंडी में भी बारिश का असर
पंजाब के साथ दिल्ली के नरेला इलाके की अनाज मंडी में भी बारिश के कारण खुले में रखा अनाज प्रभावित हुआ। इससे किसानों और अनाज कारोबार से जुड़े लोगों की परेशानी बढ़ गई है।अनाज मंडियों में फसल की खरीद और भंडारण के दौरान मौसम का प्रभाव काफी महत्वपूर्ण होता है। अचानक बारिश होने से खुले में रखी उपज भीग सकती है और समय पर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।बारिश के बाद अनाज में नमी बढ़ने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा रहता है। इससे किसानों को बिक्री के दौरान अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
धान की खरीद और उठान को लेकर बढ़ी चिंता
अमृतसर की भगतनवाला अनाज मंडी में पहले भी बारिश के कारण धान भीगने की घटनाएं सामने आई हैं। 12 अक्टूबर को हुई बारिश के बाद किसानों ने धान की खरीद और उठान समय पर सुनिश्चित करने की जरूरत बताई थी।13 अक्टूबर को मंडी प्रशासन ने मौसम को देखते हुए धान की सुरक्षा और उठान के प्रबंध किए जाने का दावा किया था। वहीं, किसानों ने खुले में पड़ी फसल को लेकर चिंता जताई थी।
नमी बढ़ने से फसल की गुणवत्ता पर खतरा
कृषि उपज में अधिक नमी होने से अनाज के भंडारण और बिक्री में परेशानी आ सकती है। यदि भीगे हुए अनाज को समय पर नहीं सुखाया जाए तो उसकी गुणवत्ता खराब होने की आशंका रहती है।ऐसी स्थिति में किसानों को उपज सुखाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। साथ ही अनाज की खरीद प्रक्रिया प्रभावित होने से उन्हें मंडियों में अधिक समय तक रुकना पड़ सकता है।
किसानों की मेहनत पर मौसम की मार
भारी बारिश ने एक बार फिर अनाज मंडियों में फसलों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था के महत्व को सामने ला दिया है। किसानों के लिए फसल की कटाई के बाद उसे सुरक्षित मंडी तक पहुंचाना और उचित कीमत पर बेचना बेहद महत्वपूर्ण होता है।अमृतसर और नरेला की मंडियों में बारिश से प्रभावित अनाज के नुकसान का सटीक आकलन अभी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, खुले में रखे अनाज के भीगने से किसानों की चिंता बढ़ी है।अब अनाज को सुरक्षित रखने, भीगी उपज को सुखाने और खरीद प्रक्रिया समय पर पूरी करने जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान देना आवश्यक है, ताकि किसानों को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।
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